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500-1000 के नोट प्रतिबंध के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

Wed, 09 Nov 2016 07:30 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
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प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 500 और 1000 के नोट प्रतिबंधित करने के बाद से ही देश के आम लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है।
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याचिकर्ता का नाम संगम लाल पांडेय है उन्होंने इस याचिका में अचानक नोटों पर प्रतिबंध लगाने से आम जनता को हो रही कई समस्याओं को रेखांकित किया है। सरकार का तुगलकी फरमान करार देते हुए याचिकाकर्ता ने इस फैसले को जनता विरोधी और मनमाना करार देते हुए इसे रद्द करने के मांग की है।  साथ ही यह भी कहा है कि वह किसानों, मजदूरों और जिनके घर में शादी पार्टी जैसे आयोजन है उन्हें पूरा करने के ल‌िए सरकार उचित समयसीमा तय करे।
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देश के किसानों को हो रहा है आर्थिक नुकसान।

बता दें कि याचिका मे कहा गया है कि देश में 9,10 और 11 नवंबर को हजारों शादियां होने वाली हैं लेकिन सरकार के इस फैसले के बाद परेशानी बहुत बढ़ गई है। निजी अस्पतालों में 1000-500 के नोटों को लेने से मना किया जा रहा है। साथ ही लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी परेशानी हो रही है। वहीं किसानों के फसल कटने का समय होने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। 

आपको बता दें कि पीएम मोदी ने मंगलवार रात अचानक ही देश को संबोधित कर 1000-500 के नोटों पर प्रतिबंध लगाकर देश की जनता को आश्चर्य में डाल दिया था। सरकार ने फिलहाल लोगों को यह सुविधा दी है कि वह प्रतिबंधित नोटों को 30 दिसंबर तक बैंकों में जाकर बदलवा सकते हैं। वहीं सरकार ने बताया कि 11 नवंबर तक रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, हवाई अड्डों और अस्पतालों में प्रतिबंधित नोट मान्य होंगे।
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