सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र, राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को उपभोक्ता आयोग में रिक्त पदों को भरने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि नियुक्ति करने में देरी से लंबित मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है न्याय में देरी हो रही है। यह संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है।
विधि छात्र सलोनी गौतम की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि जिला एवं राज्य उपभोक्ता आयोगों में रिक्तियों को भरने संबंधी विभिन्न हाईकोर्ट के आदेशों को संबंधित अधिकारियों ने नजरअंदाज किया है। इन पैनलों को सुचारु रूप से चलाने के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचे का अभाव है।
याचिका में कहा गया है कि उपभोक्ता आयोगों में जल्द से जल्द उचित बुनियादी ढांचा व कर्मचारी मुहैया कराया जाए और सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया जाए।