महाराष्ट्र के एक मतदाता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के सरकार बनाने के प्रयास को लेकर चल रही कवायद को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि चुनाव परिणाम के बाद हुए इन तीन दलों के बीच हुआ गठबंधन 'नापाक’ है।
याचिका में गुहार की गई है कि राज्यपाल को निर्देश दिया जाए कि वह शिव सेना, कांग्रेस व एनसीपी के गठबंधन को सरकार बनाने का न्योता न दें। सुरेंद्र इंद्र बहादुर सिंह द्वारा दायर इस याचिका में कहा गया कि शिव सेना और कांग्रेस व एनसीपी ने एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा। विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद इन्होंने सरकार बनाने के लिए आपस में समझौता किया है।
चुनाव से पूर्व शिवसेना और भाजपा के बीच गठबंधन था और जनता ने उस गठबंधन को सबसे ज्यादा वोट दिया। उन्हें करीब 42 फीसदी वोट मिला, लेकिन अब शिवसेना अन्य पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बनाने जा रही है और ये जनता के मत के खिलाफ है। याचिका में कहा गया है कि महाराष्ट्र के राज्यपाल को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वह शिवसेना, काग्रेस और एनसीपी के गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित न करें।
याचिका में भारत सरकार सहित महाराष्ट्र के तमाम पार्टियों को प्रतिवादी बनाया है। साथ ही याचिका में कहा गया है कि एसआर बोमई मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश में 'राजनीतिक पार्टी/पार्टियों के समूह’ के भाव स्पष्ट करने की जरूरत है।