तेलंगाना के नालगोंडा में झूठी शान के नाम पर 23 वर्षीय युवक प्रणय की हत्या के मामले में अमृता वर्शिनी के पिता मारुति राव और चाचा श्रवण समेत 3 आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। प्रणय और उनकी पत्नी अमृता पर सितंबर 18 में हमला किया गया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके पिता ने शादी पर आपत्ति जताई थी क्योंकि प्रणय निचली जाति से थे।
पुलिस जांच में पता चला था कि इस हॉरर किलिंग के मुख्य आरोपी लड़की के पिता ने तेलुगू फिल्म दृश्यम की तरह पुलिस को चकमा देने के लिए यह दर्शाने की कोशिश की कि वह अपने दामाद की हत्या के समय घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। यही नहीं, इस हत्याकांड में उसकी कोई भूमिका भी नहीं है।
आरोपी मारूति राव ने फिल्म दृश्यम की तरह खुद को निर्दोष दिखाने का प्रयास किया। 14 सितंबर को हत्या के दिन अपराध के दो घंटे पहले वह नलगोंडा में जॉइंट कलेक्टर के ऑफिस गया और अधिकारियों से मिला ताकि यह साबित किया जा सके कि उसका इस हत्याकांड में कोई रोल नहीं है।