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ग्रामीण की मुर्गियां खा जाता था गुलदार, पकड़कर 11 घंटे तक उल्टा लटकाया

Tue, 24 May 2016 10:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, स्योहारा/बिजनौर
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गुलदार को लटकाया उल्टा - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, स्योहारा/बिजनौर
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तीन दिन से लगातार मुर्गियों को निवाला बना रहे गुलदार को ग्रामीणों ने फंदा लगाकर पकड़ लिया। इस दौरान करीब 11 घंटे तक मादा गुलदार फंदे में लटकी रही। वन अधिकारी व भीड़ तमाशबीन बनी रही। गुलदार को देखने के लिए आसपास के गांवों की भीड़ घटनास्थल पर पहुंच गई।  सोमवार को दोपहर में वन विभाग के कर्मचारियों ने गुलदार को पिंजरे में बंद करके अमानगढ़ रेंज में छोड़ने के लिए ले गए।
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स्योहारा क्षेत्र के गांव टांडा बेरखेडा निवासी बलवीर उर्फ शुक्ला जी का मुर्गी फार्म है। तीन दिन से रात के समय आठ-दस मुर्गी गायब हो जाती थी। रविवार की रात बलवीर सिंह का बेटा दिनेश उर्फ टीनू, ग्रामीण मदनपाल और पुखराज ने मुर्गी फार्म के पास फंदा लगाकर पहरेदारी करनी शुरू कर दी। रात में करीब दो बजे एक मादा गुलदार दो बच्चों के साथ मुर्गी फार्म के पास आई। लोगों को मुर्गी फार्म के पास देखकर गुलदार के दोनों शावक भाग गए, जबकि मादा गुलदार वहीं झाड़ी में छिप गई।

गुलदार ने जैसे ही मुर्गी फार्म में घुसने का प्रयास किया, उसका पैर फंदे में कस गया। टीनू और उसके साथियों ने रस्सा खींचकर उसे पेड़ पर लटका दिया और इसकी सूचना ग्रामप्रधान, वन विभाग तथा पुलिस विभाग को दी। सुबह छह बजे धामपुर रेंजर प्रताप सिंह सैनी, वन दरोगा हरिशचंद भट, वनरक्षक लोकेंद्र सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए।
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दोपहर करीब 12 बजे अमानगढ़ रेंज से पिंजरा लाया गया। कार्बेट टाइगर पार्क से ट्रैकुलाइज करने के लिए विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई। गुलदार को ट्रैकुलाइज कर पिंजरे में डाल दिया गये। इसके बाद वन विभाग की टीम मादा गुलदार को पिंजरे सहित अमानगढ़ रेंज ले गई। इस दौरान डीएफओ एम सुमेरन, एसडीओ एके शर्मा, थाना स्योहारा एसओ राजकुमार शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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गुलदार देखने के लिए भीड़ उमड़ी

गांव टांडा बेरखेड़ा में गुलदार के पकड़े जाने की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। गुलदार को देखने के लिए आसपास के गांवों की भीड़ भारी तादाद में गांव में पहुंच गई। हर कोई पास से गुलदार को देखना चाहता था। सभी मोबाइल से उसकी वीडियो फिल्म बनाने में लगे थे।

एसडीओ ने सुनाई खरी खोटी

गुलदार के पकड़े जाने की सूचना पर एसडीओ एके शर्मा मौके पर पहुंच गए। वहां काफी तादाद में भीड़ एकत्र थी। भीड़ के साथ वहां तैनात पुलिस कर्मी भी तमाशबीन बने हुए थे। पुलिस द्वारा भीड़ को नियंत्रित न करने पर एसडीओ भड़क गए। उन्होंने पुलिस को खरी खोटी सुनाई और भीड़ को नियंत्रित कर पीछ़े हटाने के निर्देश दिए। इसके कुछ देर बाद एसओ स्योहारा राजकुमार शर्मा मौके पर पहुंचे और भीड़ को नियंत्रित किया।

पानी तक की व्यवस्था नहीं की

ग्रामीणों ने मादा गुलदार को फंदा लगाकर पेड़ पर लटका दिया था। यह घटना रात्रि करीब दो बजे की है। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे मादा गुलदार को ट्रैकुलाइज करके बेहोश किया गया और उसे पिंजरे में डाला गया। तब तक मादा गुलदार एक पैर पर ही पेड़ पर उलटी लटकी रही। इस बीच रस्से को थोड़ा ढीला करके गुलदार को जमीन पर टिकाया गया। गर्मी में मादा गुलदार पेड़ पर उलटी लटकी रही। किसी ने भी गुलदार के पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं की।

गुलदार की दहशत से लोग सहमे

ग्रामीण उदय सिंह, राजपाल आदि का कहना है कि काफी दिनों से क्षेत्र में तीन गुलदार दिखाई दे रहे थे। इसकी सूचना वन विभाग को लगातार दी जा रही थी। क्षेत्र में और भी गुलदार हैं। जंगल जाते समय गुलदार को लेकर भय बना रहता है। वन रेंजर प्रताप सिंह सैनी का कहना है कि धामपुर रेंज के जंगल में 10 से 15 गुलदार देखे जा रहे हैं। स्योहारा क्षेत्र से सटे कांठ क्षेत्र तक दिखाई देते है।

इंजेक्शन देकर होश में लाया जा रहा गुलदार को

धामपुर रेंजर प्रताप सिंह सैनी ने बताया कि पकड़ी गई मादा गुलदार को छोड़ने के लिए अमानगढ़ रेंज ले जाया गया है। वहां विशेषज्ञों की टीम उसे एंटी डोज दे रही है, ताकि मादा गुलदार होश में आ जाए। चिकित्सकों के द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। गुलदार पूरी तरह से स्वस्थ है। होश में आने के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
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