तीन दिन से लगातार मुर्गियों को निवाला बना रहे गुलदार को ग्रामीणों ने फंदा लगाकर पकड़ लिया। इस दौरान करीब 11 घंटे तक मादा गुलदार फंदे में लटकी रही। वन अधिकारी व भीड़ तमाशबीन बनी रही। गुलदार को देखने के लिए आसपास के गांवों की भीड़ घटनास्थल पर पहुंच गई। सोमवार को दोपहर में वन विभाग के कर्मचारियों ने गुलदार को पिंजरे में बंद करके अमानगढ़ रेंज में छोड़ने के लिए ले गए।
स्योहारा क्षेत्र के गांव टांडा बेरखेडा निवासी बलवीर उर्फ शुक्ला जी का मुर्गी फार्म है। तीन दिन से रात के समय आठ-दस मुर्गी गायब हो जाती थी। रविवार की रात बलवीर सिंह का बेटा दिनेश उर्फ टीनू, ग्रामीण मदनपाल और पुखराज ने मुर्गी फार्म के पास फंदा लगाकर पहरेदारी करनी शुरू कर दी। रात में करीब दो बजे एक मादा गुलदार दो बच्चों के साथ मुर्गी फार्म के पास आई। लोगों को मुर्गी फार्म के पास देखकर गुलदार के दोनों शावक भाग गए, जबकि मादा गुलदार वहीं झाड़ी में छिप गई।
गुलदार ने जैसे ही मुर्गी फार्म में घुसने का प्रयास किया, उसका पैर फंदे में कस गया। टीनू और उसके साथियों ने रस्सा खींचकर उसे पेड़ पर लटका दिया और इसकी सूचना ग्रामप्रधान, वन विभाग तथा पुलिस विभाग को दी। सुबह छह बजे धामपुर रेंजर प्रताप सिंह सैनी, वन दरोगा हरिशचंद भट, वनरक्षक लोकेंद्र सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए।
दोपहर करीब 12 बजे अमानगढ़ रेंज से पिंजरा लाया गया। कार्बेट टाइगर पार्क से ट्रैकुलाइज करने के लिए विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई। गुलदार को ट्रैकुलाइज कर पिंजरे में डाल दिया गये। इसके बाद वन विभाग की टीम मादा गुलदार को पिंजरे सहित अमानगढ़ रेंज ले गई। इस दौरान डीएफओ एम सुमेरन, एसडीओ एके शर्मा, थाना स्योहारा एसओ राजकुमार शर्मा आदि उपस्थित रहे।