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हाईवे के शराब ठेकों पर रोक को लेकर SC ने मांगे सुझाव

Thu, 30 Mar 2017 04:16 AM IST
amarujala.com-presented by:संदीप भट्ट
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पहली अप्रैल से राष्ट्रीय राजमार्गों और स्टेट हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकान पर पाबंदी के आदेश में फेरबदल की गुहार को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में बैलेंस अप्रोच की दरकार है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में सभी हितधारकों को विकल्प सुझाने के लिए कहा है।
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सोमवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि यह गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि हमें यह देखने की जरूरत है कि सड़क दुर्घटनाओं में कितनी मौत होती हैं। आजीविका चलाने वाले की मौत होने पर परिवार बर्बाद हो जाता है। लिहाजा इस मामले में बैलेंस अप्रोच की जरूरत है।

सोमवार को पीठ के समक्ष याचिकाकर्ताओं की ओर से कई बड़े-बड़े वकीलों ने अपने पक्ष रखे। अधिकतर का कहना था कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर के दायरे में लगभग हर शहर की सड़कें आ जाती हैं।
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हर शहर इनके दायरे में आता है। वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालती आदेश में फेरबदल की गुहार करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में तो 500 मीटर पर या तो पहाड़ है या खाई। ऐसे में इस आदेश का पालन कैसे होगा।

कुछ ऐसा ही स्थिति उत्तर पूर्व के राज्यों में है। वहीं वरिष्ठ वकील सीए सुंदरम ने कहा कि 15 दिसंबर के आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रीय व स्टेट हाईवे के 500 मीटर के दायरे में होटल एवं पब हैं या नहीं। उन्होंने दिल्ली के एयरोसिटी स्थित होटलों का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी राजमार्ग के 500 मीटर के दायरे में आते हैं। सुनवाई बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगी।

गत 15 दिसंबर के अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर के दायरे में एक अप्रैल, 2017 से शराब की दुकानें नहीं होंगी। साथ ही अदालत ने इस दायरे में शराब की दुकानों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा दी थी।

31 मार्च, 2017 के बाद राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर के दायरे तक किसी भी शराब के ठेके के लाइसेंस के नवीनीकरण पर पाबंदी लगा दी थी। साथ ही राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर शराब के दुकानों की मौजूदगी के संकेतक या बोर्ड लगाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के वर्ष 2015 के आंकड़े के मुताबिक, देश में हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है जबकि इससे तिगुनी संख्या में लोग घायल होते हैं। अधिकतर दुर्घटनाओं की वजह शराब पीकर वाहन चलाना है।
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