Indian Railways: रेल मंत्रालय ने पांच प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर स्थायी प्रतीक्षालय बनाने की घोषणा की है। इसके डिजाइन का जिम्मा राइट्स लिमिटेड को सौंपा गया है, ताकि यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। बाद में इसका विस्तार 60 प्रमुख स्टेशनों तक किया जाएगा।
रेल मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी राइट्स लिमिटेड को पांच प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर स्थायी प्रतीक्षालय बनाने का जिम्मा सौंपा है। इनमें नई दिल्ली, आनंद विहार, गाजियाबाद, वाराणसी और अयोध्य स्टेशन शामिल हैं।
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राइट्स लिमिटेड को सौंपा डिजाइन का जिम्मा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को 'पीटीआई' से बातचीत में कहा, 'हम रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनोमिक सर्विस (राइट्स) लिमिटेड को इन पांच स्टेशनों पर स्थायी प्रतीक्षालय का डिजाइन करने का काम सौंपा गया है। एक बार मॉडल तैयार हो जाने के बाद इसका 60 सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशनों पर विस्तार दिया जाएगा। इसके अलावा, इन स्टेशनों के सभी अनाधिकृत प्रवेश बिंदुओं को बंद कर दिया जाएगा।'
दिल्ली में भगदड़ के बाद उठाया कदम
इन प्रतीक्षालयों को अमृत स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा, जिसके तहत इन स्टेशनों को विश्वस्तरीय यात्री सुविधाओं के साथ आधुनिक बनाया जा रहा है। रेल मंत्रालय ने शनिवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ के बाद इन उपायों की घोषणा की। भगदड़ में 18 यात्रियों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे।
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बाद में 60 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर बनेंगे स्थायी प्रतीक्षालय
वैष्णव ने बताया कि नई दिल्ली, पटना, सूरत, बंगलूरू और कोयंबटूर जैसे 60 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे, ताकि यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। इन प्रतीक्षालयों में यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर उनकी ट्रेन के प्रस्थान के अनुसार प्रवेश दिया जाएगा, जिससे स्टेशन पर भीड़-भाड़ न हो। उन्होंने प्रयागराज के महाकुंभ का उदाहरण भी दिया, जहां ऐसे प्रतीक्षालय बनाए गए हैं, वहां यात्रियों की भीड़ को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया गया है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तैयार होगी एसओपी
वैष्णव ने यह भी कहा कि भीड़ का प्रबंधन करने के लिए सभी मौजूदा प्रावधानों को मिलाकर एक नया मैन्युअल बनाया जाएगा और त्योहारों व विशेष अवसरों के दौरान यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी।