पंजाब विधानसभा ने मार्च में यह विधेयक पारित किया था। यह कानून लाने का लक्ष्य विभिन्न रूपों में तंबाकू के उपयोग पर अंकुश लगाना तथा तंबाकू उत्पादों के सेवन से उत्पन्न बीमारियों पर रोकथाम करना है। एक अधिकारी ने कहा कि पंजाब में बारों में मादक पदार्थों के इस्तेमाल की शिकायतें मिली थीं।
पंजाब विधानसभा में यह विधेयक पेश करने वाले राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने कहा था कि पंजाब में हुक्का-शीशा धूम्रपान की नई प्रवृति चल पड़ी है। दिनोंदिन यह बढ़ती जा रही है। ये बार रेस्टोरेंट्स, होटलों, क्लबों में खुल रहे हैं। यहां तक की शादियों में भी हुक्के पेश किए जा रहे हैं। मोहिंद्रा ने कहा था, ‘हुक्का में सबसे हानिकारक अवयव निकोटिन है, जिसे कार्सिनोजेनिक (कैंसरकारक) के रूप में जाना जाता है।