सर्जिकल स्ट्राइक पर सबूत मांगने वाले दलों और खासकर कांग्रेस तथा आम आदमी पार्टी के सुर अचानक से बदल गए हैं। कांग्रेस अब कहने लगी है कि पाकिस्तानी दुष्प्रचार को जवाब देने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान पर मचे बवाल के बाद उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा कि उनके बयान को भाजपा और मीडिया ने तोड़-मरोड़ कर पेश किया।
कांग्रेस सर्जिकल स्ट्राइक पर पाकिस्तान को जवाब देने के लिए सबूत या जानकारी तो चाहती है लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर अब ऐसे बयान देने से बचने लगी है। दरअसल, कांग्रेस को पार्टी नेताओं पी. चिदंबरम, दिग्विजय सिंह और संजय निरूपम के बयान अखरने लगे हैं और पार्टी को लगने लगा है कि इन नेताओं के बयानों से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है।
कांग्रेस आलाकमान की ओर से इस मुद्दे पर अधिकृत लोगों को ही बयान देने को कहा गया है। पार्टी प्रवक्ता आपीएन सिंह ने बुधवार को एक बार फिर आनंद शर्मा और रणदीप सिंह सुरजेवाला की ओर से दी गई लाइन को आगे बढ़ाया और पार्टी का लिखित बयान जारी किया। पार्टी ने सोनिया और राहुल गांधी के पुराने बयानों को ही पार्टी का स्टैंड बताया गया और अन्य नेताओं के सबूत पेश करने वाले बयानों को उनके व्यक्तिगत बयान करार दिया।