त्रिपुरा में सत्ताधारी गठबंधन के घटक दल टिपरा मोथा पार्टी के प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने दावा किया है कि कुछ लोग निहित स्वार्थ के लिए भाजपा औप टीएमपी के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस उद्देश्य गठबंधन सरकार को कमजोर करना है।
टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) सुप्रीमो प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने आरोप लगाया है कि कुछ 'स्वार्थी लोग' भाजपा और टिपरा मोथा के बीच विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि त्रिपुरा की गठबंधन सरकार को कमजोर किया जा सके। प्रद्योत ने दावा किया कि एक राज्य मंत्री खुद आदिवासी समुदाय के बीच तनाव भड़काने में लगे हुए हैं। उनके बयान ऐसे समय आए हैं जब जंपुइजाला (सेपाहिजाला) और खू्मलुंग (पश्चिम त्रिपुरा) में दोनों दलों के समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। इन दोनों जिलों की सीमाएं एक-दूसरे से लगती हैं।
सीएम ने हिंसा के लिए इसे ठहराया जिम्मेदार
हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 'कम्युनिस्ट मानसिकता' को जिम्मेदार बताया था। पुलिस ने अब तक चार FIR दर्ज की हैं और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। ये घटनाएं 18 से 20 नवंबर के बीच हुईं।
विज्ञापन
'हमारा ध्यान सिर्फ शांति और विकास पर'
हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने कहा, 'कुछ लोग जान-बूझकर भाजपा और टिपरा मोथा में फूट डालना चाहते हैं। अगर दोनों तरफ के समर्थक हिंसा करते रहेंगे, तो मुख्यमंत्री और मैं-दोनों दुखी होंगे। हमारा ध्यान सिर्फ शांति और विकास पर है।' उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग राजनीतिक फायदा उठाने के लिए मुख्यमंत्री को कमजोर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
एक मंत्री पर टीएमपी सुप्रीमो ने लगाए आरोप
प्रद्योत ने एक मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, 'एक मंत्री पैसे और बल का इस्तेमाल करके टिपरासा लोगों के बीच हिंसा भड़का रहा है। मैं जानता हूँ कि उसे कौन फंड कर रहा है। अगर मैं नाम बता दूं, तो वह कहीं का नहीं रहेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा करने वालों का कोई राजनीतिक विचार या धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा, 'ये लोग कभी भी पार्टी झंडा बदल लेते हैं। इन्हें सिर्फ पैसों के लिए हिंसा करनी है, और इन्हें राजनीतिक संरक्षण मिलता है। पुलिस को इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।'