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कोरोना हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क न होने से लोग परेशान, कॉल करने पर 'व्यस्त' या 'पहुंच से बाहर'

Thu, 02 Apr 2020 08:13 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, नई दिल्ली
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coronavirus - फोटो : PTI
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दिल्ली में रहने वाले अंकुर तिवारी ने हल्के बुखार, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ के बाद पैरासिटामॉल की गोली खाई लेकिन राहत नहीं मिली तो उन्हें कोरोना वायरस संक्रमण की आशंका सताने लगी। मदद के लिए उन्होंने कोविड-19 हेल्पलाइन नंबर पर बात करने का प्रयास किया, लेकिन कई कोशिशों के बाद भी वह नाकाम रहे।

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तिवारी ने कहा कि 'हेल्पलाइन नंबर या तो व्यस्त थे या फिर पहुंच से बाहर थे। मैं लगभग आधे घंटे तक एक ही नंबर मिलाता रहा, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।' पेशे से शिक्षक तिवारी (46) ने जो दो हेल्पलाइन नंबर मिलाए, वे थे- 011-22307145 (दिल्ली सरकार) और 011-23978046 (केंद्र सरकार)। आप फिलहाल जब कहीं फोन मिला रहे हैं तो कॉल लगने से पहले कोरोना वायरस को लेकर ऑडियो संदेश सुनाई देता है, जिसमें ये दोनों हेल्पलाइन नंबर बताए जाते हैं।

उन्होंने कहा, 'अंत में, मुझे स्थानीय डॉक्टर के पास जाना पड़ा, जिसने मुझे आश्वस्त किया कि मुझे केवल मौसमी फ्लू है।' तिवारी की तरह कई अन्य लोगों ने भी इसी तरह की बात कही कि राज्य सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर से संपर्क नहीं हो पा रहा।
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गुरुवार तक देश में कोरोना वायरस से कम से कम 1,965 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं जबकि 50 लोगों की मौत हो चुकी है। एक महीने पहले केंद्र और राज्य सरकारों ने नोवेल कोरोना वायरस पर लोगों के सवालों के जवाब देने के लिए 24 घंटे और सातों दिन काम करने वाले हेल्पलाइन नंबर जारी किए थे। इन नंबरों पर बताया जाता है कि खांसी, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ और उल्टियां जैसे लक्षण दिखाई देने पर किसी व्यक्ति को कब, कैसे और कहां इसकी जांच करानी चाहिए।



दिल्ली में ही रहने वाली पत्रकार चिंकी सिन्हा ने डिफेंस कॉलोनी में अपने पड़ोस में कोविड-19 संक्रमण के एक मामले की जानकारी देने के लिए दिल्ली पुलिस का हेल्पलाइन नंबर मिलाया, लेकिन उन्हें भी तिवारी की तरह निराशा हाथ लगी। सिन्हा ने कहा कि हेल्पलाइन नंबर 30 मिनट से भी ज्यादा समय तक व्यस्त रहा।

उन्होंने कहा, 'मैंने अपने पड़ोस में संक्रमण के मामले के साथ-साथ यह बताने के लिए कॉल की थी कि कॉलोनी में मकान मालिक और चौकीदार बिना मास्क लगाए बैठे हुए हैं। मैं उनसे इलाके को संक्रमण मुक्त कराने के लिए कहना चाहती थी।'

सिन्हा ने अंत में मुख्यमंत्री को ट्वीट कर समस्या के बारे में बताया, जिसपर अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। कई अन्य लोगों ने भी अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए ट्वीटर का रुख किया। दिल्ली के अजहरुल्ला कोविड-19 के मामलों के बारे में बताना चाहते थे। उन्होंने भी कहा कि न तो राज्य सरकार और न ही केंद्र सरकार का हेल्पलाइन नंबर काम कर रहा।

उन्होंने ट्वीट किया, 'कोरोना वायरस आपातकालीन नंबर 01122307145, 01123978046, 9599507173 काम नहीं कर रहे हैं। मैं दो संदिग्धों के बारे में बताना चाहता था।' दिल्ली सरकार द्वारा रोज जारी किए जाने वाले दिल्ली स्वास्थ्य बुलेटिन-कोविड-19 के अनुसार 19 से 25 मार्च के बीच कोरोना वायरस हेल्प डेस्क पर प्रतिदिन औसतन 287 कॉल आईं।

वहीं मुंबई में अलसेंद्रा डीएब्रो ने अपनी मां (49) द्वारा बुखार, शरीर में दर्द और खांसी की शिकायत के बाद महाराष्ट्र के हेल्पलाइन नंबर -020-26127394 मिलाया, जो लगातार व्यस्त आता रहा। उन्होंने पीटीआई को बताया कि मैने एक घंटे में तीन बार राज्य हेल्पलाइन पर संपर्क का प्रयास किया, लेकिन यह हर बार व्यस्त मिली।

ट्वीटर उपयोगकर्ता रवि वाधवा ने कहा कि उन्होंने लगातार दो दिन तक हरियाणा की हेल्पलाइन पर संपर्क का प्रयास किया, लेकिन नाकामी ही हाथ लगी। इसके बाद हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को टैग करते हुए उन्होंने ट्वीट कर यह वाकया बयां किया। वहीं एक के बाद एक ट्वीट कर हिमांशु महाजन ने कहा कि उत्तर प्रदेश की हेल्पलाइन काम नहीं कर रही है।

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