नेताओं और अफसरों से एक अदद पुल के निर्माण की मांग कर थक चुके पचास गांवों के लोगों ने सहकारिता की मिसाल कायम की है। उन्होंने बहल्ला नदी पर लकड़ी का पुल बनाकर अपने आवागमन को सुगम बनाया है। किसी ने चंदा दिया, तो किसी ने श्रमदान कर अपनी परेशानी दूर करने में मदद की। ग्रामीण इस बात पर खुश हैं कि खेती बाड़ी का काम हो या बच्चों के स्कूल आने-जाने की टेंशन, उन्होंने सभी समस्याओं का खुद निदान कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा पुल वो हर वर्ष बनाते हैं।
नगर के मोहल्ला मरघटी पश्चिम में बहल्ला नदी बहती है। टांडा के मोहल्ला मरघटी, मस्जिद कोहना, मोहल्ला रांड, मोहल्ला बरगद, ईद वाली बगिया सहित कई मोहल्लों वासियों की खेती की जमीन नदी के पार भी है। बरसात शुरू होते ही वहां जाना मुश्किल हो जाता है। ग्राम करखेड़ा, करखेड़ी, मल्हूपुरा, रैनटावाला, भगतपुर, केशोनगली, बहादुर का मझरा, रोशनपुर, आदि दर्जनों गांव के किसान टांडा से जुड़े हैं।