डीमके के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में अरविंद केजरीवाल
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दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने तमिलनाडु में डीमके के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर निशाना साधा। आप नेता ने कहा कि कि तमिलनाडु के लोग भाजपा और उसकी विभाजनकारी व कटु राजनीति से नफरत करते हैं, यही वजह है कि पार्टी लंबे समय तक राज्य में अपनी मजबूत पहचान नहीं बना सकी।
भाजपा बिहार की तरह यहां भी अपना मुख्यमंत्री बनाएगी
उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा को 27 सीटें मिली हैं और वह AIADMK के साथ गठबंधन में है, लेकिन सभी जानते हैं कि एआईएडीएमके पूरी तरह भाजपा के प्रभाव में है। केजरीवाल ने दावा किया कि अगर एनडीए को एक भी सीट मिलती है, तो भाजपा बिहार की तरह अपना मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश करेगी।
गठबंधन पर क्या बोले केजरीवाल?
केजरीवाल ने लोगों से भाजपा, एनडीए और एआईएडीएमके से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि एनडीए का मतलब भाजपा ही है और यह सिर्फ गठबंधन का नाम भर है।
केजीवाल ने दिल्ली का क्यों दिया उदाहरण?
दिल्ली का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले साल लोगों ने भाजपा को वोट देकर सरकार बनाई, लेकिन एक साल के भीतर ही लोग उससे परेशान हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, सड़क, बिजली और पानी के क्षेत्र में उनकी सरकार द्वारा किए गए अच्छे कामों को भाजपा ने नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने दावा किया कि अगर तमिलनाडु में लोगों ने गलती से भाजपा, एनडीए या एआईएडीएमके को वोट दिया, तो पिछले पांच वर्षों में DMK सरकार द्वारा किए गए विकास कार्य और जनकल्याण योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। केजरीवाल ने कहा कि अगर जनता राज्य में जारी कल्याणकारी योजनाएं, राहत कार्यक्रम और विकास कार्य जारी रखना चाहती है, तो उसे DMK का समर्थन करना चाहिए।
परिसीमन विधेयक का किया विरोध
केजरीवाल ने परिसीमन विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि सभी दल इसके खिलाफ एकजुट हैं, क्योंकि यह लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव से दक्षिणी राज्यों के साथ भेदभाव होगा और उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी प्रभावित होगी। केजरीवाल ने सीएम एमके स्टालिन की तारीफ करते हुए कहा कि वह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और जो भी अच्छा काम करता है, उसका समर्थन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा को ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि तमिलनाडु में उसकी कोई खास मौजूदगी नहीं है।