नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर देश में हो-हल्ला मचा है। विपक्षी दल इस मसले को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। इस बीच अवैध नागरिकों या घुसपैठ को लेकर एक नया खुलासा हुआ है। नेपाल बॉर्डर के जरिए अवैध तरीके से दूसरे देशों के लोग भारत में घुसने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले साल की बजाए इस बार ये मामले दोगुणा हो गए हैं।
सीमाओं पर अपराध, तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम एसएसबी का मुख्य कर्तव्य है। वर्ष 2019 के सन्दर्भ में यदि इन अपराधिक गतिविधियों के बारे में बात की जाए तो एसएसबी ने इस वर्ष भी सीमा पर होने वाले अपराधों, मादक पदार्थ, वन्यजीव तथा वन सम्पदा, जाली मुद्रा आदि की तस्करी के खिलाफ सफलतापूर्वक कार्रवाई करते हुए महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं हैI एसएसबी द्वारा इस वर्ष 6100 तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से लगभग 367 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वस्तुएं जब्त की गईं हैं।
बिहार और झारखण्ड के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गयी एसएसबी बटालियनो ने 937 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में की गयी अफीम की अवैध खेती को नष्ट किया। इस वर्ष एसएसबी ने हथियारों एवं गोला-बारूद की बड़ी मात्रा में बरामदगी की है, जिसमें उच्च तकनीक के हथियार जैसे एके-47 राइफल, 5.56 इनसास राइफल, 9 एमएम पिस्तौल, हैंड ग्रेनेड, विस्फोटक और लाइव राउंड शामिल हैं। नक्सलियों के खिलाफ अभियान में एसएसबी ने 201 माओवादी/नक्सलियों/लिंकमैन, 07 एनडीएफबी कैडर, 04 पीएलएफआई कैडर व 50 घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है।
नक्सलियों के खिलाफ हो रही निरंतर कार्रवाई के फलस्वरूप, कई बड़े नक्सलियों ने भी एसएसबी के सामने आत्मसमर्पण किया है। इस वर्ष एसएसबी ने नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में वांछित नक्सली सहदेव राय उर्फ ताला दा को झारखंड के दुमका में मार गिराया, जिसके उपर 10 लाख का ईनाम रखा गया था। बिहार के मुजफ्फरपुर में एसएसबी ने एक अन्य नक्सली रमेश पासवान को भी मार गिराया गया। वर्ष 2019 के दौरान, एसएसबी ने मानव तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चला कर 242 मामलों में 456 पीड़ितों को बचाया और 234 मानव तस्करो को गिरफ्तार किया।