बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका
इससे पहले सात फरवरी को बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि आरोपियों के इकबालिया बयानों के आधार पर महात्रे को मुख्य साजिशकर्ता कहा जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से प्रथम दृष्टया आवेदक के खिलाफ मुख्य साजिशकर्ता होने का मामला बनता है। उसने अन्य आरोपियों को पीड़ित पर हमला करने के लिए अपने साथ शामिल किया।
2017 में हुई थी पार्षद की हत्या
भिवंडी-निजामपुर नगर निगम में तीन बार कांग्रेस पार्टी से पार्षद रह चुके मनोज महात्रे पर 14 फरवरी 2017 को हमला किया गया था, इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हमले के बाद आरोपी मौके से भाग गए। पुलिस ने इस मामले में पीड़िता के चचेरे भाई प्रशांत भास्कर महात्रे और सात अन्य को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया था कि मृतक महात्रे और आरोपी प्रशांत के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंदिता थी।
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