केंद्र सरकार में सेवानिवृत्ति के बाद कई लोगों को पेंशन मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। तय समय पर पेंशन जारी नहीं होती है। पेंशन की फाइल एक मेज से दूसरी मेज पर घूमती रहती है। कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग को इस तरह की शिकायतें मिलती रहती हैं। पिछले दिनों पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने इस मामले में सभी मंत्रालयों और विभागों के लिए एक कार्यालय ज्ञापन जारी किया है। इसमें वह सूची दी गई है, जिसमें पेंशन संबंधी फाइलों की मंजूरी के लिए समय सीमा तय की गई है। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने सभी मंत्रालयों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है, पेंशन संबंधी मामले निपटाने में किसी भी तरह की देरी न हो।
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है कि पेंशन और उपदान प्राधिकृत करने की प्रक्रिया में विभिन्न कार्यालयों/प्राधिकरणों द्वारा की जाने वाली विभिन्न कार्रवाईयां सम्मिलित होती हैं। केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमावली, 2021 में, इनमें से प्रत्येक कार्रवाई को पूरा करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। जैसे नियम 54 के अनुसार, प्रत्येक विभागाध्यक्ष (एचओडी) को प्रत्येक माह के 15वें दिन तक ऐसे सभी सरकारी कर्मचारियों की सूची तैयार करनी होती है, जो उस तारीख से अगले पंद्रह मास के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
नियम 55 के अनुसार, सरकारी कर्मचारी से उसकी सेवानिवृत्ति की पूर्वानुमानित तारीख से कम से कम एक वर्ष पूर्व सरकारी आवास के संबंध में संपूर्ण ब्यौरा प्राप्त किया जाना अपेक्षित है। सरकारी कर्मी की सेवानिवृत्ति से 8 माह पूर्व की अवधि की बाबत 'बेबाकी प्रमाणपत्र' (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) जारी किए जाने के लिए इन ब्यौरों को संपदा निदेशालय को भेजा जाए। नियम 56 और 57 में लिखा है कि सेवानिवृत्ति से पूर्व एक वर्ष की अवधि के दौरान अधिवर्षिता यानी रिटायरमेंट पर पेंशन के मामले से संबंधित कार्रवाई कार्य के लिए विस्तृत प्रक्रिया दी गई है। इसमें सेवा का सत्यापन, सेवा पुस्तिका में अंकित बातों को पूरा करना, त्रुटियों या कमियों को दूर करना सम्मिलित है। मकसद, पेंशन केस की फाइल में देरी न हो।
नियम 59 और 60 के अनुसार, कार्यालय अध्यक्ष, सरकारी कर्मचारी से पेंशन प्ररूप प्राप्त होने की तारीख से दो माह के भीतर पेंशन मामले को फॉर्मेट 10 में सहपत्र सहित वेतन और लेखा कार्यालय को प्रेषित करेगा। पेंशन पत्र प्राप्त होने पर लेखा अधिकारी, अपेक्षित जांच पड़ताल करेगा। अधिवर्षिता की आयु प्राप्त करने पर सरकारी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति की तारीख से दो माह पूर्व पेंशन संदाय आदेश जारी करेगा। लेखा अधिकारी, पेंशन संदाय आदेश की एक प्रति, केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय को, कार्यालय अध्यक्ष से पेंशन पत्रों के प्राप्त होने की तारीख से दो मास के भीतर अग्रेषित करेगा। सीपीएओ एक विशेष प्राधिकार मुहर जारी करेगा और पेंशन संदाय आदेश प्राप्त होने की तारीख से इक्कीस दिनों के भीतर पेंशन संदाय आदेश की प्रति के साथ पेंशन संवितरण प्राधिकारी को अग्रेषित करेगा। इसके बाद पेंशन संवितरण प्राधिकारी, जिस तारीख से सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी को पेंशन देय हो, उस तारीख से उसे संवितरित करने के लिए कार्रवाई करेगा।
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने अपने कार्यालय ज्ञापन
के माध्यम से सभी मंत्रालयों/विभागों से अनुरोध किया है कि उपरोक्त उपबंधों का अनुपालन करने के लिए, इन्हें मंत्रालय/विभाग और उसके अधीन संबद्ध/अधीनस्थ कार्यालयों में पेंशन हितलाभों का निपटान करने वाले कार्मिकों के संज्ञान में लाएं। जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत सरकार के सचिवों के साथ वार्ता के दौरान पेंशन से संबंधित शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक संवेदनशील, सुलभ और सार्थक बनाने के निर्देश दिए थे। उन्हीं निर्देशों के अनुपालन में कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने पिछले माह एक कार्यालय ज्ञापन जारी किया था। सीपीजीआरएएमएस पोर्टल पर केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की शिकायतों का संवेदनशील, सुलभ और सार्थक निवारण करने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इसका मकसद, पेंशनर्स शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ बनाना है।