एयर इंडिया के विमान में महिला पर पेशाब किए जाने के मामला तूल पकड़ चुका है। आलोचना से बचने के लिए एयर इंडिया ने पायलट व केबिन-क्रू को नोटिस जारी किया है और जांच पूरी होने तक उन्हें ड्यूटी से भी हटा दिया गया है।
अब एयर इंडिया की इस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूर्व पायलट और इंडिया एयरलाइन के उड़ान सुरक्षा व प्रशिक्षण के पूर्व निदेशक कैप्टन एसएस पनेसर ने कहा है कि इस मामले में विमान के कैप्टन और केबिन क्रू को नोटिस दिया जाना अनुचित और हास्यास्पद है।
क्या एयर इंडिया ने नहीं पढ़ी थी कैप्टन की रिपोर्ट?
कैप्टन पनेसर ने प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि सभी उड़ानों के बाद केबिन क्रू के प्रभारी को एक रिपोर्ट बनानी होती है, जिसमें फ्लाइट में क्या-क्या हुआ इसका जिक्र होता है। फ्लाइट का कैप्टन इस रिपोर्ट को पढ़ता है और अपने साइन करता है। इसके बाद यह रिपोर्ट आगे भेजी जाती है। उन्होंने कहा, अगर केबिन क्रू विभाग और एयर इंडिया ने इस रिपोर्ट को नहीं पढ़ा और मामले पर तुरंत कार्रवाई नहीं की तो अब वे कैप्टन को कैसे दोषी ठहरा सकते हैं? उन्होंने दावा किया कि गलती से बचने के लिए एयर इंडिया फ्लाइट कैप्टन और केबिन-क्रू को बलि का बकरा बना रही है।
अधिकारियों पर हो कार्रवाई
पनेसर ने कहा, जिन अधिकारियों ने इस रिपोर्ट को पढ़ा और आरोपी और पीड़िता के बीच समझौता कराने की कोशिश की, उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए। एक अन्य पूर्व पायलट ने कहा कि लैंडिंग के बाद अगर केबिन क्रू की रिपोर्ट विस्तृत नहीं थी तो उस पर और जानकारी मांगी जा सकती थी। इसके बजाय एयरलाइंस ने दोनों यात्रियों के बीच समझौता कराने की कोशिश की।