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आंकड़े: एक दिन में रिकॉर्ड 204 गीगावॉट के पार पहुंची बिजली की मांग, मई-जून में और बढ़ोतरी होने का अनुमान

Thu, 28 Apr 2022 10:17 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस साल अप्रैल में 28 तारीख को दोपहर 02.50 बजे तक बिजली की मांग 12.1 फीसदी बढ़कर 204.653 गीगावॉट पर पहुंच गई। एक साल पहले समान अवधि में यह 182.559 गीगावॉट थी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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देश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ने के बीच गुरुवार को एक दिन में बिजली की मांग या आपूर्ति 204.65 गीगावॉट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। अधिकतर इलाकों में भीषण लू चलने और तापमान में इजाफा होने के साथ बिजली की मांग भी बढ़ी है। 

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समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक सूत्र के हवाले से बताया है कि इस साल अप्रैल में 28 तारीख को दोपहर 02.50 बजे तक बिजली की मांग 12.1 फीसदी बढ़कर 204.653 गीगावॉट पर पहुंच गई। एक साल पहले समान अवधि में यह 182.559 गीगावॉट थी।

मंगलवार को बिजली की मांग 201.06 गीगावॉट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी। इसने पिछले साल के 200.53 गीगावॉट के रिकॉर्ड को तोड़ा था। यह रिकॉर्ड सात जुलाई 2021 को दर्ज हुआ था। आने वाले दिनों में बिजली की मांग और बढ़ने के आसार हैं।
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बुधवार को 200.65 गीगावॉट की बिजली आपूर्ति की गई थी जबकि मांग इससे 10.29 गीगावॉट अधिक रही थी।

इस साल मार्च में बिजली की मांग में 8.9 फीसदी का इजाफा हुआ 
बिजली मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक इस साल मार्च महीने में बिजली की मांग में करीब 8.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह भी कहा गया है कि मई-जून के महीनों में बिजली की मांग लगभग 215-220 गीगावॉट तक पहुंचने की उम्मीद है।

राजस्थान- मध्यप्रदेश में मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
बिजली की मांग बढ़ने का एक बड़ा कारण चिलचिलाती गर्मी और भीषण लू हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले पांच दिनों में पारा और चढ़ने का अनुमान जताया है और राजस्थान, मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

आंध्र-गुजरात में औद्योगिक क्षेत्रों में पाबंदियों के बाद राजस्थान में भी चार घंटे की हो रही कटौती
प्रचंड गर्मी के बीच बढ़ी बिजली की मांग ने औद्योगिक क्षेत्रों के सामने नया संकट खड़ा कर दिया है। बढ़ी बिजली की मांग को पूरा करने के लिए राज्यों में औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली कटौती शुरू हो गई है। आंध्र प्रदेश और गुजरात के बाद अब राजस्थान में भी औद्योगिक क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति चार घंटे कम करने के आदेश दिए गए हैं। लॉकडाउन के बाद पटरी पर लौट रहे औद्योगिक क्षेत्र को बिजली कटौती की इस नई समस्या से जूझना पड़ रहा है।

प्रचंड गर्मी ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले रखा है। मार्च की चिलचिलाती गर्मी के बाद आगे भी राहत मिलती नहीं दिख रही है। भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में प्रचंड गर्मी की चेतावनी दी है। अगले महीने और बढ़ेगी बिजली की मांग बिजली की मांग अगले महीने और बढ़ने की उम्मीद है। जिसके लिए रणनीति बन रही है।

जून में मानसून आने के बाद ही राहत की उम्मीद
जून में मानसून आने के बाद ही थोड़ी राहत  की उम्मीद है, लेकिन उससे पहले अधिकतम गर्मी का समय आना अभी बाकी है। अप्रत्याशित गर्मी की वजह से फैक्टरियों और खेतों में काम करने वाले लाखों मजदूरों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है। बदलते मौसम का सबसे अधिक प्रभाव उन्हीं पर पड़ता है।

मालगाड़ियों की उपलब्धता की कमी ने भी संकट को बढ़ाया
गर्मियों में बढ़ी बिजली की मांग ने कोयले की मांग भी बढ़ा दी है। गर्मियों से पहले देश में कोयला भंडार पिछले नौ वर्षों में सबसे कम है और बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। इस सब के बीच मालगाड़ियों की उपलब्धता की कमी ने भी संकट को बढ़ा दिया है।

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