त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय में भाजपा का परचम लहराने के बाद सिक्किम के सत्ताधारी दल को भी अपना वजूद बचाने की चिंता सताने लगी है। वैसे तो सिक्किम की सत्ताधारी एसडीएफ राजग के पाले में है। बावजूद उसके भाजपा ने यहां आक्रामक रूप से बिगुल फूंक दिया है।
दमदार मुख्यमंत्रियों में गिने जाने वाले पवन कुमार चामलिंग ने इन्हीं सब वजहों से भी भाजपा महासचिव राम माधव के पास दल से जुडऩे का सीधा ऑफर भेजा है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि भाजपा ने चामलिंग के सामने पार्टी विलय कर दल में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है। सूत्र बताते हैं कि पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में भाजपा की जीत की खबर आने के ठीक एक दिन बाद सिक्किम के मुख्यमंत्री ने राममाधव से बातचीत की। माधव और उनके बीच सेतु का कार्य उनके एक वरिष्ठ अधिकारी ने ही निभाया।
सूत्र बताते हैं कि सिक्किम सरकार के एक वरिष्ठ आईएएस जो कि मुख्यमंत्री चामलिंग के बेहद करीबी हैं, वे बीते कुछ माह से भाजपा महासचिव से संपर्क में हैं। फरवरी के अंतिम सप्ताह में दिल्ली आकर उन्होंने माधव से मुलाकात भी की थी। उक्त अधिकारी ने ही 3 मार्च को पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के चुनाव परिणाम आने के ठीक एक दिन बाद 4 मार्च को फोन पर राममाधव से चामलिंग की बातचीत कराई। बताया जा रहा है कि माधव से बातचीत में चामलिंग पूरी तरह से भाजपा के सामने समपर्ण के मूड में दिखे। माधव ने उनके सामने एसडीएफ का भाजपा में विलय का प्रस्ताव रखा।
हालांकि इस मामले में उनकी भाजपा नेताओं से अंतिम बातचीत अभी होनी है। मगर पूर्वोत्तर में बदले राजनीतिक समीकरणों से क्षेत्रीय एवं छोटे दलों को अपने अस्तित्व पर संकट दिखने लगा है। यही वजह है कि वे अपने-अपने प्रयासों के जरिए भाजपा के कोप से बचने में जुट गए हैं। इस बीच भाजपा महासचिव राममाधव ने दावा किया है कि पूर्वोत्तर में कमल खिलाने के मामले में बचे एकमात्र राज्य मिजोरम में भी अगले वर्ष चुनाव में पार्टी की जीत होगी तो सिक्किम में पवन चामलिंग के करीबियों को साधकर पार्टी ने यहां भी पहले ही मोर्चा खोल रखा है। यही वजह है कि चामलिंग सीधे ही भाजपा के समक्ष हथियार डालने का मूड बना रहे हैं।