सरकार वित्तीय संकट से जूझ रही प्रमुख हेलीकॉप्टर सेवा प्रदाता कंपनी पवन हंस को बेचने के लिए नए सिरे से बोली दस्तावेज आमंत्रित कर सकती है। इसमें संभावित खरीदारों को कंपनी पर 500 करोड़ रुपये की आकस्मिक देनदारी के बदले क्षतिपूर्ति का प्रवाधान भी हो सकता है। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि ताजा प्रारंभिक सूचना ज्ञापन (पीआईएम) मई के अंत तक जारी किया जाएगा। कंपनी पर यह देनदारी विवादित कर मांग से संबंधित है।
सरकार इससे पहले भी 46 हेलीकॉप्टर के बेड़े वाली कंपनी को बेचने में सफल नहीं हो पाई थी। पवन हंस की बिक्री के लिए 6 मार्च को ही बोली प्रक्रिया संपन्न हुई थी। इसमें कोई भी बोलीदाता आगे नहीं आया था। इसके बाद सरकार ने निवेशकों के साथ उनकी समस्याओं पर चर्चा की एवं बोली दस्तावेज को उनके लिए और अधिक आकर्षक बनाने का निर्णय लिया।