शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

विज्ञापन

इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसा: अब तक 130 की मौत, बोगियों में अभी भी फंसे हैं कई लोग

टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 21 Nov 2016 08:42 AM IST
पुखरायां रेलवे स्टेशन (कानपुर देहात) के पास रविवार तड़के 3.10  बजे पटना जा रही इंदौर-राजेंद्र नगर (पटना)  एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर-19321) के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। हाल के वर्षों के इस सबसे भीषण ट्रेन हादसे में अब तक 130 यात्रियों की मौत हो गई जबकि 200 से अधिक यात्री घायल हो गए। सूत्रों के मुताबिक ये आकंड़ा बढ़ सकता है। एनडीआरएफ की टीम के मुताबिक कई यात्री अभी भी ट्रेन की बोगियों में फंसे हुए हैं और जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इसके साथ ही ट्रेन की मरम्मत का कार्य भी जारी है। बताया जाता है कि रेल पटरियों में दरार के कारण यह हादसा हुआ।

हादसे की वजह से ट्रेन के एस-1 और एस-2 डिब्बे एक-दूसरे में घुस गए जिस कारण इन्हीं डिब्बों के सबसे ज्यादा मुसाफिरों की मौत हुई। इसके अलावा एस-3 और एस-4 डिब्बों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा जबकि एसी थ्री टीयर के यात्रियों को भी गभीर चोटें आईं। हादसा इतना जबर्दस्त था कि गहरी नींद में सो रहे ज्यादातर मुसाफिरों ने भी डिब्बों को पटरी से उछलता हुआ महसूस किया। डिब्बों के बीच फंसे यात्रियों को निकालने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया गया। 

सेना, एनडीआरएफ और राज्य पुलिस की मदद से बचाव एवं राहत कार्य में लगे रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि मरने वालों की तादाद हर घंटे बढ़ती जा रही है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद के मुताबिक, अब तक 129 लोगों के शवों का पता चल पाया है।

गंभीर घायलों को कानपुर के हैलट और उर्सला समेत कई सरकारी अस्पतालों में भेजा गया। अन्य घायलों को अकबरपुर जिला अस्पताल और आसपास की सीएचसी, पीएचसी एवं निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। रविवार शाम तक इनमें फंसे यात्रियों को निकाले जाने का कार्य चलता रहा। अभी भी बहुत से यात्रियों के बोगियों में फंसे होने की आशंका है। मृतक संख्या भी बढ़ सकती है। जिस वक्त ट्रेन पलटी, उसकी रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटा थी। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह पटरी चटकने को माना जा रहा है। एनडीआरएफ, एयरफोर्स, सेना, पुलिस, पीएसी और मेडिकल टीमें राहत, बचाव कार्य में लगी हैं।

रेल मंत्री सुरेश प्रभु शाम को दुर्घटनास्थल पहुंचे जबकि रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा, प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री सुधीर रावत, एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी, सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य समेत  रेलवे और पुलिस के आला अफसर दिन में ही आ गए थे। एनडीआरएफ ने वाराणसी, लखनऊ से दो-दो और गाजियाबाद से एक-एक टीम और बुलाई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया है।

झांसी मंडल रेल लाइन पर कानपुर देहात के पुखरायां स्टेशन से कानपुर की ओर आ रही यह ट्रेन पुखरायां स्टेशन का सिग्नल पार करते ही आउटर पर दुर्घटनाग्रस्त गई। ट्रेन के दो जनरल कोच, ए-वन, बी-1,2,3, बीई, एस-1, 2, 3, 4, 5, 6 बोगियां, विकलांग बोगी और एक्स्ट्रा कोच समेत 14 कोच पटरी से उतरकर पलटी खाते हुए दोनों तरफ बिखर गए। कुछ बोगियां एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गईं। 

हादसे के समय अधिकांश यात्री सो रहे थे। तेज धमाके और झटके से आंखें खुलीं तो चारों ओर अंधेरा छा चुका था। चीख-पुकार मचने के बीच घना अंधेरा होने से कोई कुछ करने की स्थिति में नहीं था। दुर्घटना स्थल से पुखरायां रेलवे स्टेशन करीब दो किलोमीटर और बस्ती करीब 100 मीटर दूरी पर थी। कुछ ही देर में बस्ती के लोग दौड़कर वहां पहुंच गए, लेकिन बुरी तरह फंसे यात्रियों की मदद के लिए कुछ कर नहीं सके। करीब आधे घंटे बाद पुलिस और प्रशासन के अफसर पहुंचने लगे। इसके बाद राहत कार्य शुरू हुआ। 

कानपुर देहात के साथ आसपास जिलों से पुलिस-पीएसी, आरएएफ, जीआरपी, आरपीएफ, डॉक्टर और 20 से अधिक एंबुलेंस बुलवाईं गईं। पुखरायां से कानपुर आने वाले प्राइवेट वाहनों को रोक कर मदद में लगाया गया। इसके बाद रेलवे रिलीफ ट्रेन और एनडीआरएफ की टीमें आईं। रविवार को दोपहर बाद साढ़े तीन बजे तक 100 शव अकबरपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा दिए गए थे। साढ़े पांच बजे तक आठ शव और पहुंचाए गए। 200 से ज्यादा घायल यात्रियों को अस्पताल पहुंचाया जा चुका था।

प्रदेश के एडीजी दलजीत चौधरी ने बताया कि हादसे में ट्रेन की चार बोगियां एक दूसरे के ऊपर चढ़ गईं। इनमें और शव फंसे होने की आशंका है। रेलवे के जीएम उत्तर मध्य रेलवे अनिल सक्सेना ने कहा कि ट्रेन दुर्घटना के पीछे कोई शरारत है या नहीं, अभी कह पाना मुश्किल है। रेलवे सेफ्टी कमिश्नर इसकी जांच करेंगे। उधर, रेलवे ने पटना और इंदौर के लिए विशेष ट्रेनें भी चलाई हैं, जिनसे घायलों को उनके गंतव्य को भेजा जा रहा है।
विज्ञापन

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी: प्रभु 

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी: प्रभु 
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रभु ने सूरजकुंड में आयोजित रेल शिविर में कहा था कि किसी तरह की लापरवाही के लिए बड़े से बड़े अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। रेलवे की ओर से मृतकों के परिजन को 3.5-3.5 लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जाएगी। ट्रेन हादसे में गंभीर रूप से जख्मी लोगों को 50 हजार और मामूली रूप से घायल यात्रियों को 25 हजार रुपये मुआवजा दिया जाएगा। दुर्घटना की जांच रेलवे सेफ्टी कमिश्नर पीके आचार्य करेंगे।

पटरी चटकने से हादसे की आशंका
मौके पर पहुंचे रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि शुरुआती जांच में पटरी में जर्क (चटकने) की बात पता चली है। जांच के बाद सही कारण पता चलेंगे। यात्रियों की मदद के लिए रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। जैसे ही ट्रेन दलेलपुर गांव के पास पहुंची तो लहराने लगी। ट्रेन काफी स्पीड में थी। ड्राइवर ने स्पीड कम करने की कोशिश की तो पटरी टूट गई। इससे हादसा हो गया। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वी सर्किल कोलकाता) पीके आचार्या को एक हफ्ते में इसकी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौंपने के निर्देश दिए हैं। 

राज्यों से भी मुआवजों की घोषणा   
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 30 डॉक्टरों की विशेष टीम, कई आईएएस अफसरों, डीएम-एसएसपी और मंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2 लाख, गंभीर घायलों को 50 हजार और मामूली घायलों को 25 हजार रुपये देने की घोषणा की। 
-उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृतकों के परिवारों को पांच लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है।
- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्रेन हादसे में बिहार के रहने वाले मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री राहत कोष से यह राशि दी जाएगी।

36 घंटे में क्लियर होगा रूट
रेलवे जीएम (एनसीआर) अनिल सक्सेना ने बताया कि ट्रैक क्लियर होने में कम से कम 36 घंटे का वक्त लगेगा। पुष्पक एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक लखनऊ समेत छह से ज्यादा ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है।

 रेलवे ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
पटना- बीएसएनएल- 0612-2202290, 0612-2202291, 0612-2202292, मोबाइल-7992388463, रेलवे- 025-83288
मुगलसराय- बीएसएनल-05412-251258, 05412-254145
हाजीपुर- बीएसएनएल 06224-272230
झांसी-05101072
उरई- 051621072
कानपुर-05121072

 पुखरायां- 05113-270239
साइट हेल्पलाइन नंबर- 9415317427, 9450965157
इंदौर - 07311072, रतलाम- 074121072, उज्जैन- 07342560906, नागदा-073661072, इलाहाबाद 05321072, टुंडला -056121072,  अलीगढ़- 05711072, इटावा-056881072, फतेहपुर 051801072,

रेलयात्रा को सुरक्षित बनाएं अधिकारी: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानपुर रेल हादसे वाले दिन ही रेल अधिकारियों को एक कार्यक्रम में निर्देश दिया कि रेलयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वे जीरो एक्सीडेंट का लक्ष्य हासिल करें। इस हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए मोदी ने अधिकारियों से ट्रेन परिचालन में फुल-प्रूफ प्रणाली अपनाने को कहा । आगरा में भी एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने हादसे में मारे गए लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया। उन्होंने हादसे की जांच कराने की भी बात की। सूरजकुंड में रेल विकास शिविर में उन्होंने रेल सुरक्षा से जुड़े कई उपकरणों के मुआयने में दो घंटे से अधिक बिताए।

राष्ट्रपति और सोनिया ने जताया शोक 
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई शीर्ष नेताओं ने रेल हादसे में मरने वालों के प्रति शोक व्यक्त किया। राष्ट्रपति ने कहा, ‘ट्रेन हादसे में कई लोगों की मृत्यु और कई लोगों के घायल होने की खबर सुनकर मैं बहुत आहत हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि राज्य सरकार शोक संतप्त परिवार को हरसंभव सहायता देगी।’ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के गम और दर्द को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उनकी इस असह्य पीड़ा को बांटने के लिए पूरा देश एकजुट है। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना पर गहरा शोक जताते हुए पीड़ितों को हरसंभव मदद देने की प्रतिबद्धता जताई।  
विज्ञापन

Spotlight

Most Read

Related Videos

Related

Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।