मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले की सीबीआई द्वारा की जा रही जांच की प्रगति रिपोर्ट पर पटना हाईकोर्ट ने मंगलवार को नाराजगी जताई। साथ ही राज्य सरकार को बिहार के सभी आश्रय गृहों का ऑडिट कराने का निर्देश दिया। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि बताइए कि इन एनजीओ पर नजर कैसे रखी जाती है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अदालत ने एसपी स्तर के अधिकारी के तबादले को लेकर दी गई सफाई पर भी राज्य सरकार को फटकार लगाई। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एम. आर. शाह की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान सीबीआई मंगलवार को भी जांच की प्रगति रिपोर्ट से जुड़े कागजात पेश नहीं कर पाई। इस पर अदालत ने नाराजगी जताई।
कोर्ट ने सीबीआई से जांच करने वाले एसपी के तबादले पर सवाल पूछा। अदालत सीबीआई के जवाब से संतुष्ट नहीं दिखी। मामले की सुनवाई आज (बुधवार) भी जारी रहेगी।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में सोमवार (27 अगस्त) को भी सुनवाई हुई थी जिसमें सीबीआई ने हाईकोर्ट में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इसके बाद कोर्ट ने और दस्तावेज पेश करने लिए कहा था लेकिन मंगलवार को भी सुनवाई के दौरान सीबीआई कागजात पेश नहीं कर पाई।