भारत, वैश्विक नवाचार के पावरहाउस के रूप में लगातार उभर रहा है। इसी का असर है कि भारत में पेटेंट आवेदन की संख्या डेढ़ लाख के करीब पहुंच गई है। देश में पेटेंट आवेदन में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
भारत ने 30.2 फीसदी की वृद्धि के साथ 1,43,729 पेटेंट आवेदन का रिकार्ड बनाया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि भारत का इनोवेशन इंजन अब रुकने वाला नहीं है। पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह वृद्धि आत्मविश्वासी और तेजी से विकसित हो रहे भारत को दर्शाती है जो वैश्विक नवाचार के पावरहाउस के रूप में लगातार उभर रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में हमारे पेटेंट आवेदनों की संख्या ऐतिहासिक रूप से बढ़कर 1.43 लाख से अधिक हो गई है।
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69 फीसदी से अधिक पेटेंट देश में ही दायर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुल पेटेंट आवेदनों में से 69 फीसदी से अधिक देश के भीतर ही दायर किए गए हैं, जिनमें तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र के नवप्रवर्तकों की अग्रणी भूमिका रही है। तमिलनाडु 22,995 पेटेंट आवेदनों के साथ शीर्ष पर है। यूपी छठे स्थान पर है। भारत अब पेटेंट आवेदन के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल होकर छठे स्थान पर पहुंच चुका है। 2020-21 से अब तक इसमें 146 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 95 फीसदी आवेदन ऑनलाइन दाखिल हुए हैं। कुल पेटेंट आवेदनों में शैक्षणिक संस्थानों का हिस्सा 36.5 फीसदी है।