साल 2015 में हार्दिक पटेल को पूरे देश में प्रसिद्ध बना देने वाले पटेल समुदाय को गुजरात में आरक्षण दिलाने के आंदोलन को पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पास) का एक गुट दोबारा जिंदा करने की कोशिश कर रहा है।
आंदोलन समिति इसके लिए पाटीदार आंदोलन शहीद यात्रा के नाम से 3 हजार किलोमीटर लंबा पैदल मार्च आयोजित करने जा रही है। समिति के संयोजक दिल्ली सबवा ने रविवार को कहा कि 24 जून को मेहसाना जिले के ऊंझा से शुरू होने वाले इस मार्च के जरिए उन 14 लोगों को श्रृद्धांजलि दी जाएगी, जो 2015 में इस आंदोलन के दौरा समुदाय के लिए बलिदान हो गए थे। मेहसाना से ये मार्च राज्य के 97 शहरों से होते हुए राजकोट के पास कागवाड़ में खत्म होगा।
समिति के इस गुट का कहना है कि वे सामाजिक संगठन हैं कोई राजनीतिक दल नहीं। उन्होंने उन्हीं लोगों को अपने मार्च में बुलाने की बात कही है, जो पटेल समुदाय से जुड़े सामाजिक मुद्दे उठाते हैं।
दिलीप सबवा ने कहा कि 2015 में आंदोलन का नेतृत्व करने वाले हार्दिक इस आयोजन से जुड़े हुए नहीं हैं, लेकिन उन्हें भी बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि इस मार्च के जरिए सरकार से पटेल समुदाय के लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमों को हटाने की मांग की जाएगी।