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बाबा रामदेव का नया आइडिया, बैल की ताकत से बनाएंगे बिजली!

Mon, 15 May 2017 10:34 AM IST
amarujala.com, Presented By: अजय कुमार सिंह
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baba ramdev
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योग गुरु बाबा रामदेव और उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण की कंपनी पतंजलि अब बैल से बिजली बनाने की तैयारी में जुटी हुई है। इसके लिए कंपनी 'बुल पावर' पर काम रही है। बताया जा रहा है कि इस आइडिया पर डेढ साल से काम किया जा रहा है और कुछ सफलता भी हाथ लगी है। 
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इकोनॉमिक्स टाइम्म की खबर के मुताबिक, इसके पीछे पतंजलि की मंशा ये है कि पशुओं को बूचड़खाने न भेजा जाए। इस आइडिया के अनुसार, बैल की खींचने की ताकत से बिजली पैदा होगी। पतंजलि के मैनजिंग डायरेक्टर बालकृष्ण की पहल पर ये प्रयोग शुरू किए गए हैं। इसमें देश की एक प्रमुख मल्टीनैशनल ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर और एक तुर्की की कंपनी भी शामिल है।

इसका एक प्रोटोटाइप डिजाइन किया गया है और अधिक इलेक्ट्रिसिटी जेनरेट करने के लिए इसमें बदलाव किया जा रहा है। इस रिसर्च प्रॉजेक्ट की जानकारी रखने वालों ने बताया कि अभी तक एक टर्बाइन वाले इस डिजाइन से लगभग 2.5 किलोवॉट पावर मिल सकी है।
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बालकृष्ण ने अखबार को बताया, "जब ऐसे समय में बड़ी संख्या में बैलों को काटा जा रहा है, हम इस धारणा को बदलना चाहते हैं कि बैल बहुत मूल्यवान नहीं हैं।" यह पुष्टि करते हुए कि पतंजलि अपने विशाल हरिद्वार मुख्यालय में इस पर शोध कर रहे है। सुबह में उन्हें खेतों में इस्तेमाल किया जा सकता है और शाम को उन्हें बिजली उत्पादन के लिए उपयोग किया जाता है। "

प्राचीन समय में बैलों का इस्तेमाल हथियार ले जाने में किया जाता था। अगर टेक्नॉलजी की मदद से उनकी ताकत का अधिकतम इस्तेमाल किया जाए तो वे काफी उपयोगी हो सकते हैं।' उन्होंने कहा "हमें बुनियादी ढांचे में वापस जाने की जरूरत है। प्राचीन समय में बड़े पैमाने पर तोपों को घेरने के लिए बैल का इस्तेमाल किया जाता था। अगर टेक्नॉलजी की मदद से उनकी ताकत का अधिकतम इस्तेमाल किया जाए तो वे काफी उपयोगी हो सकते हैं।'

कंपनी के एक अधिकारी ने बताया, 'हम एक ऐसा डिजाइन तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे उन किसानों को बिजली पैदा करने के लिए दिया जा सके जिनके पास बैल हैं।' देश में बैलों की संख्या घट रही है और पशुओं की कुल संख्या में इनकी हिस्सेदारी 30 पर्सेंट से कम की है।
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