जींस बनाने की घोषणा कर चुकी पतंजलि अब पूरी तरह कपड़ों के बाजार में उतरने का प्लान बन चुकी है। योग गुरु बाबा रामदेव की कपड़ों के सेक्टर में उतरने और 'खादी' कपड़ों की मैन्युफैक्चरिंग की योजना को टेक्सटाइल इंडस्ट्री के बड़े नामों से पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है। देश-विदेश की जानी-मानी कंपनियां बाबा रामदेव की पतंजलि से संपर्क कर रही हैं।
दरअसल इसके पीछे जो कारण माना जा रहा है वह यह है कि कंपनियां बाबा रामदेव के साथ मिलकर कपड़ों के कारोबार में साथ काम करना चाहती हैं। खबरों के मुताबिक इस सप्ताह की शुरुआत में रेमंड ग्रुप की एक टीम ने अपने प्रॉडक्ट के सैंपल पतंजलि के एग्जिक्यूटिव्स को दिखाए थे।
अहमदाबाद की टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरर अरविंद लिमिटेड ने भी बिजनस की संभावनाओं को तलाशने के लिए पतंजलि से बातचीत की है।
पतंजलि अब स्वदेशी कपड़ों का उत्पादन करेगी
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इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक रेमंड लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, गौतम हरि सिंघानिया पार्टनरशिप की संभावनाएं तलाशने के लिए इस महीने के अंत में बाबा रामदेव से मिलने वाले हैं।
आपको बता दें कि बाबा रामदेव की 'खादी' के उत्पादन में बड़े स्तर पर उतरने की योजना है। अपने आयुर्वेदिक उत्पादों के लिए जानी जाने वाली पतंजलि अब स्वदेशी कपड़ों का उत्पादन करने वाली है।
रामदेव का कहना है, 'अगर हमारे देश में फैब इंडिया जैसी विदेशी कंपनियां खादी प्रॉडक्ट्स बेच रही हैं तो यह महात्मा गांधी और उनकी राजनीतिक विचारधारा की हत्या है। पतंजलि की कपड़ा सेक्टर के लिए बड़ी योजनाएं हैं। लंगोट से लेकर कोट तक हर चीज बनाई जाएगी।'
मरीजों को ध्यान में रखकर बनाए जाएंगे कपड़े
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बाबा रामदेव का कहना है कि वो विदेशी कंपनियों को भारत से भगाना चाहते हैं। पतंजलि का प्रोजेक्ट वो हर प्रोडक्ट बनाने का है जिसे विदेशी कंपनियां भारत में धड़ल्ले से बेच रही हैं। मेड इन इंडिया के उद्देश्य से प्रोडक्ट्स बनाने में लगे बाब रामदेव पहले से ही भारतीय मार्केट में छाए हुए हैं।
हालांकि अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि पतंजलि जींस बाजार में कब तक दस्तक देगी। लेकिन यह तय माना जा रहा है कि पतंजलि जल्द ही कपड़ों के बाजार में धमाकेदार दस्तक देने वाली है। खबरों की मानें तो पतंजलि न केवल जींस बल्कि कोट ले लेकर लंगोट तक बाजार में लाने की तैयारी कर रही है। मरीजों को ध्यान में रखकर भी कपड़ों को बनाया जाएगा।