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Maharashtra: 'CM के तौर पर शिंदे को और..', शिवसेना नेता ने किए बड़े खुलासे, सरकार में इस विभाग की कर डाली मांग

Sat, 30 Nov 2024 11:11 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री पद पर भी सबकी नजरें हैं। लगातार इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि एकनाथ शिंदे डिप्टी सीएम का पद संभालेंगे या नहीं। इस बीच, शिवसेना के विधायक ने एक नई मांग रख दी है। 
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शिवसेना नेता संजय शिरसाट - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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महाराष्ट्र में चुनावी नतीजे घोषित होने के एक सप्ताह बाद भी नए मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस बकरार है। इसके साथ ही डिप्टी सीएम के चेहरे को लेकर भी लगातार सियासी गलियारों में हलचल मची हुई है। इस बीच, शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य की नई सरकार में पार्टी को गृह विभाग मिलना चाहिए। साथ ही दावा किया कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को दरकिनार करने की कोशिश की जा रही है।

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शिंदे को ढाई साल और मिलने चाहिए: शिरसाट
शिरसाट ने कहा कि शिंदे की सकारात्मक छवि और उनके द्वारा लाई गई योजनाओं को देखते हुए अगर उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में ढाई साल और मिलते तो वह अधिक योगदान दे पाते। उन्होंने आगे कहा, 'गृह विभाग शिवसेना के पास होना चाहिए। विभाग आमतौर पर उपमुख्यमंत्री के पास होता है। इसलिए यह सही नहीं होगा कि मुख्यमंत्री गृह विभाग का नेतृत्व करें।'

महायुति में दरार के संकेत
निवर्तमान सरकार में गृह विभाग देवेंद्र फडणवीस के पास है। औरंगाबाद पश्चिम विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक की टिप्पणी महायुति सहयोगियों, भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के बीच आई दरार को दिखाती है, जिन्होंने हाल ही में हुए महाराष्ट्र राज्य चुनावों में 288 विधानसभा सीटों में से 230 जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था। भाजपा ने 132 सीटें, शिवसेना ने 57 सीटें और एनसीपी ने 41 सीटें जीती हैं।
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शिंदे ने किया था सीएम बनने से इनकार
इससे पहले बुधवार को ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना शिंदे गुट के प्रमुख एकनाथ शिंदे ने सीएम पद को लेकर चल रही चर्चाओं को विराम दे दिया था। उन्होंने कहा था, 'मेरे मन में सीएम बनने की लालसा नहीं है। पीएम मोदी और अमित शाह जो भी निर्णय लेंगे मुझे मंजूर होगा। सरकार बनाते समय मेरी तरफ से कोई अड़चन नहीं आएगी। मैं चट्टान की तरह साथ खड़ा हूं। भाजपा की बैठक में जो भी निर्णय लिया जाएगा, हमें मान्य होगा। भाजपा का सीएम मुझे मंजूर है।'

पार्टी सूत्रों के अनुसार, सतारा में अपने पैतृक गांव डेयर गए शिंदे परेशान हैं। पार्टी ने सरकार गठन को लेकर हो रही चर्चा में गृह विभाग की मांग की है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने संख्याबल के आधार पर मुख्यमंत्री पद मांग रही है और इससे शिवसेना नाराज हो गई। 

'एकनाथ शिंदे को महायुति सरकार का चेहरा बनाकर लाभ हुआ'
शिरसाट ने कहा, 'शिंदे को महायुति सरकार का चेहरा बनाकर भाजपा को निश्चित रूप से फायदा हुआ है। भाजपा या एनसीपी मराठा आरक्षण आंदोलनकारियों को शांत करने में शामिल नहीं थे। शिंदे ने ही इसे अपने ऊपर ले लिया। उन्होंने मराठा आरक्षण भी दिया, इसलिए उनके लिए समर्थन कई गुना बढ़ गया।'

विरोध के बाद भी योजना की लागू...
उन्होंने आगे कहा कि जबकि कल्याणकारी योजनाएं अतीत में मौजूद थीं, शिंदे ने उन्हें जीवन का एक नया पट्टा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री मांझी लड़की बहन योजना का विरोध किया था, लेकिन सरकार इस योजना के साथ आगे बढ़ी और इसका असर चुनावों में देखा गया।

शिवसेना नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में शिंदे की 'आम आदमी' की छवि लोगों को ज्यादा स्वीकार्य है और उनके लिए 'गद्दार' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किए जाने के बावजूद उन्होंने राज्य विधानसभा चुनाव के बाद खुद को मजबूती से स्थापित किया है। इससे पूरी महायुति को लाभ हुआ है। उन्होंने ही सबसे ज्यादा रैलियां निकालीं। इसे देखते हुए, अगर उन्हें ढाई साल और मिले होते, तो वह राज्य में अधिक योगदान दे पाते।

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