निर्दलीय राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने रविवार को राजनीतिक दलों से विशेष आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर मई में जल्द से जल्द संसद का विशेष सत्र बुलाने का सरकार से आग्रह करें। सिब्बल ने कहा, '25 अप्रैल को मैंने सुझाव दिया था कि इस दुख की घड़ी में देश की एकता दिखाने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं कि वे सरकार से मई में जल्द से जल्द ऐसा सत्र बुलाने का आग्रह करें।'
आतंकी हमले की निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित करने का आग्रह
इससे पहले कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद का विशेष सत्र बुलाने और पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित करने का आग्रह किया था, ताकि दुनिया को यह संदेश दिया जा सके कि देश एकजुट है। सिब्बल ने सरकार को विभिन्न महत्वपूर्ण देशों में सत्तारूढ़ और विपक्षी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल भेजने का भी सुझाव दिया था, ताकि पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बनाया जा सके।
यह भी पढ़ें-
Mann Ki Baat: पहलगाम के गुनहगारों को चेतावनी से लेकर आजादी की लड़ाई तक, पढ़ें PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
अमेरिका का उदाहरण दिया
यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सुझाव दिया कि जिस तरह अमेरिका अपने प्रतिबंधों के साथ करता है, उसी तरह भारत को भी पाकिस्तान के साथ व्यापार संबंध रखने वाले सभी प्रमुख देशों से कहना चाहिए कि अगर उनका इस्लामाबाद के साथ व्यापार है तो वे भारतीय बाजार में नहीं आ सकते।
सरकार ने आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था
इससे पहले विभिन्न दलों के नेताओं ने गुरुवार को आतंकवाद और आतंकी शिविरों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का आह्वान किया था। उन्होंने सरकार को अपने पूर्ण समर्थन का आश्वासन भी दिया था। पहलगाम हमले पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक के दौरान सरकार ने कहा था कि वह सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठा रही है। सरकार ने नेताओं को आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था।