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CEC बोले: कल जारी होगी बिहार के मतदाताओं की मसौदा सूची, नाम जोड़ने या हटाने के लिए मिलेगा एक महीने का समय

Thu, 31 Jul 2025 06:41 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि बिहार की मसौदा मतदाता सूची कल यानी एक अगस्त को जारी होगी और उसमें नाम जोड़ने या हटाने के लिए एक सितंबर तक का समय मिलेगा। यह प्रक्रिया 'विशेष गहन पुनरीक्षण' के तहत हो रही है, जिसकी प्रतियां सभी जिलों में राजनीतिक दलों को दी जाएंगी। विपक्षी दल इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि इससे पात्र मतदाता वंचित हो सकते हैं और सत्ता पक्ष चुनाव तंत्र को प्रभावित कर सकता है।
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ज्ञानेश कुमार, मुख्य चुनाव आयुक्त - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने गुरुवार को कहा कि बिहार की मसौदा मतदाता एक अगस्त को प्रकाशित की जाएगी। सूची में नाम जोड़ने या हटाने के लिए राजनीतिक दलों और लोगों को पूरे एक महीने का समय दिया जाएगा। सीईसी कुमार ने कहा कि बिहार में मतदाता सूची के लिए जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत एक अगस्त को प्रस्तावित सूची प्रकाशित की जाएगी। जिला चुनाव अधिकारी बिहार के सभी 38 जिलों में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को इस सूची की प्रिंट और डिजिटल प्रति उपलब्ध कराएंगे। 

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ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) और सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) किसी भी मतदाता या राजनीतिक दल से एक अगस्त से एक सितंबर तक आपत्तियां और सुझाव मांगेंगे। इसमें कोई भी पात्र मतदाता अपना नाम जोड़ने, किसी अपात्र व्यक्ति का नाम हटवाने या सूची में कोई सुधार कराने के लिए आवेदन कर सकता है।

ये भी पढ़ें: उपराष्ट्रपति चुनाव-2025 के लिए निर्वाचक मंडल की अंतिम सूची तैयार, चुनाव आयोग ने की घोषणा
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तीन चरणों में हो रही एसआईआर प्रक्रिया
चुनाव आयोग के मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया तीन चरणों में हो रही है। पहले चरण की गणना (24 जून से 25 जुलाई 2025) के बाद मतदाता सूची का मसौदा एक अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। दूसरे चरण (1 अगस्त से 1 सितंबर तक) में मसौदा मतदाता सूची में किसी भी त्रुटि के सुधार के लिे कोई भी मतदाता या कोई भी राजनीतिक दल अपने दावे या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। तीसरे चरण (25 सितंबर तक) में सभी ईआरओ द्वारा प्रपत्रों की जांच की जाएगी और सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। 

एसआरआई प्रक्रिया के प्रमुख उद्देश्य-

  • सभी मतदाताओं और राजनीतिक दलों की भागीदारी
  • बिहार में कोई भी योग्य मतदाता न छूटे
  • बिहार का कोई भी अस्थायी प्रवासी न छूटे
  • बिहार में कोई भी शहरी मतदाता न छूटे
  • कोई भी युवा मतदाता न छूटे
  • सभी मतदाताओं और सभी राजनीतिक दलों से नियमित रूप से जानकारी साझा करना
  • वॉलंटियर्स सहित सभी चुनाव कर्मचारियों की पूर्ण सहभागिता
  • गणना चरण के दौरान उठाए गए हर मुद्दे का समाधान करना
  • एक अगस्त से एक सितंबर तक मसौदा मतदाता सूची से त्रुटियां हटाना

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क्या आरोप लगा रहे विपक्षी दल
सीईसी का यह बयान उस समय आया है, जब विपक्षी दल लगातार एसआईआर प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में दस्तावेजों की कमी के कारण बहुत से योग्य नागरिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा सकता है। विपक्षी दलों का यह भी आरोप है कि बिहार में स्थानीय चुनाव अधिकारियों को सत्ताधारूढ़ भाजपा-जदयू गठबंधन अपने पक्ष में प्रभावित कर सकता है। इसी मुद्दे को लेकर संसद के दोनों सदनों में मानसून सत्र के दौरान रोजाना हंगामा हो रहा है।

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