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NCP में सियासी हलचल: प्रफुल्ल पटेल और तटकरे का पार्थ पवार ने किया बचाव, कहा- उनके पर लग रहे आरोप बेबुनियाद

Thu, 02 Apr 2026 05:11 PM IST
Rahul Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
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पार्थ पवार - फोटो : ANI
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दिवंगत एनसीपी नेता अजित पवार के बेटे पार्थ पवार ने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद और अटकलों पर आधारित करार दिया है। उन्होंने कहा कि इन वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाने वाली खबरें पूरी तरह निराधार हैं।

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सुनेत्रा की नाराजगी अटकलों के बीच पार्थ की अहम टिप्पणी
पार्थ पवार ने बयान में कहा कि इस तरह की कहानियां सिर्फ कल्पना हैं और सम्मानित नेताओं को गढ़े गए विवादों में घसीटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पटेल और तटकरे ने दशकों तक पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और नेतृत्व का परिचय दिया है, जो आज भी संगठन का मार्गदर्शन कर रहा है। ऐसे निराधार आरोप बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इन्हें खारिज किया जाना चाहिए। पार्थ का यह बयान उस समय आया है जब यह चर्चा चल रही है कि उनकी मां और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, पटेल और तटकरे से नाराज हैं।

पटेल और तटकरे द्वारा दी गई सफाई से सुनेत्रा पवार संतुष्ट नहीं
वहीं, रोहित पवार ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि सुनेत्रा पवार ने 10 मार्च को भारतीय चुनाव आयोग को पत्र लिखकर खुद को पार्टी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की जानकारी दी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके पति अजित पवार की 28 जनवरी को हवाई दुर्घटना में मौत के बाद पार्टी की ओर से भेजे गए किसी भी पुराने पत्राचार को नजरअंदाज किया जाए। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी प्रमुख बनने से पहले चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र को लेकर पटेल और तटकरे द्वारा दी गई सफाई से सुनेत्रा पवार संतुष्ट नहीं थीं।
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रोहित पवार के अनुसार, पटेल और तटकरे ने 16 फरवरी को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर पार्टी संविधान में संशोधन और सभी अधिकार कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल को दिए जाने की जानकारी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम पार्टी पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश थी। इस बीच, सुनेत्रा पवार द्वारा कथित रूप से चुनाव आयोग को भेजे गए चार पन्नों के पत्र की कॉपी सोशल मीडिया पर सामने आई है। इस पत्र में पटेल और तटकरे का बिना किसी पदनाम के उल्लेख होने से संगठन में उनकी स्थिति को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

दिल्ली दौरे पर सुनेत्रा के साथ नहीं दिख पटेल और तटकरे
पार्टी प्रवक्ताओं ने इस पत्र पर प्रतिक्रिया के लिए किए गए संपर्क का जवाब नहीं दिया। गौरतलब है कि सुनेत्रा पवार गुरुवार को दिल्ली दौरे पर थीं और उनके साथ पटेल और तटकरे की गैरमौजूदगी ने भी कई सवाल खड़े किए। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि वह अभी राज्यसभा सदस्य हैं और बजट सत्र के अंतिम दिन संसद में मौजूद रहीं।

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