युवा कांग्रेस की इंकलाब रैली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के सीएम मनोहर परिकर से मुलाकात का जिक्र करते हुए राफेल मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमला करने के बाद परिकर ने उन्हें चिट्ठी लिखी है। उन्होंने लिखा कि 5 मिनट की औपचारिक मुलाकात का राजनीतिक लाभ न उठाएं।
मालूम हो कि राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला करते हुए कहा था कि वह कल पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर परिकर जी से मिले थे। परिकर जी ने स्वयं कहा था कि डील बदलते समय पीएम ने देश के रक्षा मंत्री से नहीं पूछा था। राहुल के इसी भाषण के बाद पर्रिकर ने उन्हें चिट्ठी लिखी है।
परिकर ने राहुल गांधी को लिखा है कि बिना किसी पूर्व सूचना के आप मेरे स्वास्थ्य का हाल पूछने मेरे यहां आए थे दलगत भावना से ऊपर उठकर एक अस्वस्थ का हाल जानना अच्छी परंपरा है। मुझे भी आप का आना अच्छा लगा, लेकिन इस विजिट को लेकर आज सुबह आपके जो बयान आए, उससे मैं आहत हूं।
उन्होंने लिखा कि समाचार पत्रों में पढ़कर मुझे आश्चर्य भी हुआ कि मैंने आपको राफेल मुद्दे पर कुछ बताया है। आपने कहा है कि राफेल मुद्दे में मैं(मनोहर परिकर) कहीं नहीं था। मुझे कोई जानकारी नहीं थी। जबकि ऐसा नहीं है।
उन्होंने लिखा है कि आप(राहुल गांधी) से 5 मिनट की हमारी भेंट में ना तो राफेल का जिक्र हुआ ना ही मैंने राफेल संबंधी कोई चर्चा की। मैंने पहले भी स्पष्ट किया है और इस पत्र के माध्यम से फिर से कह रहा हूं कि राफेल सौदा नियमों के तहत हुआ है और इसमें दूर-दूर तक कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।
बीमार आदमी का यूज अवसरवादी राजनीति के लिए मत कीजिए
उन्होंने लिखा है शिष्टाचार भेंट के बहाने मेरे घर आकर और फिर इतने निचले स्तर का झूठ आधारित राजनीतिक बयान देना आपका मेरे घर आने के उद्देश्य एवं इरादों को उजागर करता है। आपका मेरे घर आना यह एक बड़ा प्रश्न चिन्ह और संदेह का विषय भी है।
परिकर ने लिखा है कि मैंने सोचा था, आप का आना और आप की शुभकामनाएं मेरे लिए इस प्रतिकूल स्थिति में संबल प्रदान करेगी, लेकिन मैं नहीं समझ सका कि आपके आने का वास्तविक इरादा यह था।अंत में उन्होंने निवेदन करते हुए लिखा है कि किसी बीमार और अस्वस्थ व्यक्ति से भेंट को अपने अवसरवादी राजनीति का शिकार बनाने के लिए मत रखिए।