वित्तीय मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने पिछले कुछ महीनों के दौरान एक के बाद एक उजागर हुए बैंक घोटालों पर सवालों का जवाब देने के लिए रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल को 17 मई को तलब किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली इस समिति की मंगलवार को हुई बैठक में वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार से बैंकिंग क्षेत्र से संबंधित कई सवाल पूछे गए।
समिति के सामने 17 मई को होगी उर्जित पटेल की पेशी
सूत्रों के अनुसार 17 मई को उर्जित पटेल से बैंक घोटालों और बैंकिंग क्षेत्र के नियमन के संबंध में जवाब तलब किया जाएगा। इस समिति के सदस्य के रूप में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस बैठक में शामिल हुए। बता दें कि हाल ही में रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा था कि सरकारी बैंकों से निपटने के लिए उसके पास पर्याप्त शक्तियां नहीं हैं।
सूत्रों के अनुसार समिति यह जानना चाहेगी कि आखिर पटेल को किस तरह की शक्तियां चाहिए। समिति का मानना है कि बैंकों का नियमन एक अहम जिम्मेदारी है और इसीलिए गवर्नर को तलब किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, समिति की बैठक में पीएनबी और आईसीआईसीआई सहित सभी सरकारी और निजी बैंकों में हुए घोटालों पर चर्चा की गई। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने समिति में शामिल सांसदों के सवालों के आंशिक जवाब दिए। इसके मद्देनजर उनसे कहा गया है कि वे तीन हफ्ते में सभी सवालों के पूरे जवाब दाखिल करें।