समिति ने कहा कि 31 दिसंबर, 2022 तक 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 19 को वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए इस योजना के तहत धन नहीं मिला था। इसी तरह, 2021-22 के लिए भी 34 में से नौ राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को धन नहीं जारी किया गया।
संसद की समिति ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के तहत राज्यों को धन जारी नहीं करने पर पंचायती राज मंत्रालय को फटकार लगाई है। राज्यसभा के पटल पर बुधवार को रखी अपनी रिपोर्ट में ग्रामीण विकास और पंचायती राज पर स्थायी समिति ने कहा कि ये धन राज्यों को मुख्य रूप से पंचायतों के चुने हुए प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और अन्य हितधारकों के क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के लिए जारी किए जाते हैं।
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समिति ने कहा कि 31 दिसंबर, 2022 तक 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 19 को वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए इस योजना के तहत धन नहीं मिला था। इसी तरह, 2021-22 के लिए भी 34 में से नौ राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को धन नहीं जारी किया गया। इस पर मंत्रालय ने कहा कि राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की तरफ से आवश्यक दस्तावेजों को समय पर जमा न करने और वित्त मंत्रालय की ओर से निर्धारित निर्देशों का पालन न करने के साथ कुछ अन्य बातों के चलते धन नहीं जारी किया गया।
योजना की प्रगति बाधित होगी
समिति ने कहा कि उसके विचार से कई राज्यों को इस तरह से धनराशि रोकने से इस महत्वपूर्ण योजना की प्रगति बाधित होगी जिसका उद्देश्य पंचाय राज संस्थाओं (पीआरआई) को मजबूत करना है। इस संदर्भ में समिति सिफारिश करती है कि मंत्रालय को वित्त मंत्रालय के शर्तों का अनुपाल सुनिश्चित करने और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की तरफ से समय पर सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए सक्रियता से काम करना चाहिए।