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बजरंग दल पर नरम रुख क्यों, फेसबुक ने संसदीय समिति से कहा- रोक लगाने की वजह नहीं मिली

Wed, 16 Dec 2020 05:18 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Facebook - फोटो : social media
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बजरंग दल पर प्रतिबंध नहीं लगाने को लेकर आईटी मामलों की संसदीय समिति ने फेसबुक इंडिया के प्रमुख अजित मोहन से सवाल किया है और उन्हें कारण बताने को कहा है। सूत्र ने इसकी जानकारी दी है। वहीं, मोहन ने अपने जवाब में समिति से कहा कि उनकी कंपनी को ऐसी कोई सामग्री नहीं मिली जिस पर रोक लगाई जाए।

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फेसबुक इंडिया के प्रमुख अजित मोहन बुधवार को संसद की एक समिति के समक्ष पेश हुए। समिति ने उनसे कर्मचारियों की सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने को लेकर सोशल मीडिया दिग्गज की अनिच्छा से संबंधित रिपोर्ट पर सवाल किया।
 
मोहन बुधवार को कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति के समक्ष पेश हुए थे। समिति ने उन्हें नागरिक डाटा सुरक्षा के मुद्दे पर तलब किया था। मोहन के साथ फेसबुक के लोक नीति निदेशक शिवनाथ ठुकराल भी थे।
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सूत्रों ने बताया कि थरूर के साथ कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने मोहन से बजरंग दल पर प्रतिबंध से जुड़ी वाल स्ट्रीट जर्नल की हाल की रिपोर्ट के बारे में सवाल किया।

वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया था कि बजरंग दल पर प्रतिबंध की बात से जुड़े आंतरिक मूल्यांकन के बावजूद फेसबुक ने वित्तीय कारणों और अपने कर्मचारियों की सुरक्षा चिंताओं के कारण उस पर लगाम नहीं लगाई।

भाजपा से निकट संबंध होने के कारण बजरंग दल को बैन करने से परहेज 
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के साथ संबंधों के कारण फेसबुक दक्षिणपंथी समूह के खिलाफ कार्रवाई करने में डरता है। क्योंकि बजरंग दल पर नकेल कसने से भारत में कंपनी की व्यावसायिक संभावनाओं और उसके कर्मचारियों दोनों को खतरा हो सकता है। हालांकि फेसबुक की सुरक्षा टीम द्वारा इस दल को संभावित खतरनाक संगठन के रूप में टैग किया गया है।

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ऐसा कुछ नहीं जिससे प्रतिबंध लगाने की जरूरत हो: मोहन

सूत्रों ने बताया कि फेसबुक इंडिया के प्रमुख अजित मोहन ने समिति के समक्ष कहा कि सोशल मीडिया कंपनी की तथ्य अन्वेषण टीम को ऐसी कोई सामग्री नहीं मिली जिससे बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत हो। मोहन के साथ फेसबुक के लोक नीति निदेशक शिवनाथ ठुकराल भी थे।

सूत्रों ने बताया कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पूछा कि अगर बजरंग दल को लेकर सोशल मीडिया नीतियों के उल्लंघन की बात नहीं पाई गई है तो फेसबुक ने वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट को खारिज कर उन्हें फर्जी क्यों नहीं बताया।
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