सूत्रों ने बताया कि फेसबुक इंडिया के प्रमुख अजित मोहन ने समिति के समक्ष कहा कि सोशल मीडिया कंपनी की तथ्य अन्वेषण टीम को ऐसी कोई सामग्री नहीं मिली जिससे बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत हो। मोहन के साथ फेसबुक के लोक नीति निदेशक शिवनाथ ठुकराल भी थे।
सूत्रों ने बताया कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पूछा कि अगर बजरंग दल को लेकर सोशल मीडिया नीतियों के उल्लंघन की बात नहीं पाई गई है तो फेसबुक ने वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट को खारिज कर उन्हें फर्जी क्यों नहीं बताया।