रिपोर्ट में कहा गया कि बीमा कंपनियां योजना के उद्देश्यों और मानदंडों के अनुसार काम कर रहीं हैं या नहीं, इसे सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तंत्र मौजूद होना चाहिए। रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि यूएचसी हासिल होने तक धीरे-धीरे पीएमजेएवाई योजना के तहत कवर किए जाने वाले लाभार्थियों की पहुंच और आधार का विस्तार किया जाए।
बीमा कंपनियों और अस्पतालों के बीच अनैतिक संबंधों पर नजर रखने के लिए संसदीय समिति ने सरकार से सिफारिश की है। समिति ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के कार्यान्वयन में अनुचित लाभ कमाने और बीमा कंपनियों और अस्पतालों के बीच अनैतिक संबंधों पर नजर रखने के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र का पता लगाना चाहिए। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की संसदीय स्थायी समिति ने मंगलवार को राज्यसभा में 151वीं रिपोर्ट पेश की। सरकार को किश्तों में बीमा प्रीमियम के भुगतान पर जोर देना चाहिए।
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पात्र लाभार्थियों की सटीक पहचान एक बड़ी चुनौती
रिपोर्ट में कहा गया कि बीमा कंपनियां योजना के उद्देश्यों और मानदंडों के अनुसार काम कर रहीं हैं या नहीं, इसे सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तंत्र मौजूद होना चाहिए। रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि यूएचसी हासिल होने तक धीरे-धीरे पीएमजेएवाई योजना के तहत कवर किए जाने वाले लाभार्थियों की पहुंच और आधार का विस्तार किया जाए। जिन राज्यों में योजना के तहत आबादी को कवर करने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है, उसके लिए नई श्रेणियां शामिल की जानी चाहिए। पात्र लाभार्थियों की सटीक पहचान और पंजीकरण एक बड़ी चुनौती है।
योजना का लाभ लक्षित वर्ग तक पहुंचे यह आवश्यक
समिति ने कहा कि कम साक्षरता और जागरूकता की कमी के कारण गरीब और कमजोर आबादी तक पहुंचना मुश्किल है। सरकार को यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि योजना का लाभ लक्षित वर्ग तक पहुंच सके। समिति ने योजना को तरीके से लागू करने के लिए और पात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए एक तंत्र स्थापति करने की सिफारिश की। स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय प्रधिकरण को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बीआईएस डेटाबेस की जांच के लिए अभियान शुरू करने की आवश्यकता है।
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सत्यापन और जांच में सावधानी बरतना आवश्यक
डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता को बढ़ाने के लिए सत्यापन आवश्यक है। डेटाबेस में विसंगतियों को जल्द से जल्द दूर किया जा सकता है। डेटाबेस में दोहराव न हो इसके लिए भी सावधानी बरतनी होगी। समिति का सुझाव है कि केंद्र सरकार को राज्य की योजनाओं को आयुष्मान भारत के साथ जोड़ने को प्रमुखता देने के लिए गंभीरता से प्रयास करना चाहिए। धोखाधड़ी को रोकना और उसका पता लगाना महत्वपूर्ण चिंता का विषय है।