वित्त मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने बृहस्पतिवार को वित्त मंत्रालय से पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के घोटाले के बारे में जानकारी मांगी और इस पर रिपोर्ट देने को कहा। सूत्रों के मुताबिक, समिति की बैठक अनुदान की मांगों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी।
इस दौरान सदस्यों ने घोटाले पर अपनी चिंता जताई और आर्थिक मामलों के सचिव राजीव कुमार समेत अन्य अधिकारियों से रिकैपिटलाइजेशन प्रक्रिया के बारे में सवाल किए। समिति की अध्यक्षता वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने की। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी समिति के सदस्य हैं।
3.9 करोड़ फिक्स्ड डिपोजिट भी जब्त : ईडी
प्रवर्तन निदेशालय ने अपने बयान में कहा कि हमने पीएनबी घोटाले के मामले में नीरव मोदी और गीताजंलि जेम्स के देशभर में 17 परिसरों पर छापा मारा। इस दौरान 5100 करोड़ रुपये कीमत के सोना, हीरे और बहुमूल्य रत्नों का स्टॉक जब्त किया है। यह कीमत शेयर वैल्यू के आधार पर आंकी गई है। इसके अलावा 3.9 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट को जब्त किया है।
घोटाले की पूरी रकम वसूल ली जाएगी : राजीव कुमार
पीएनबी घोटाले पर आर्थिक मामलों के सचिव राजीव कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि नीरव मोदी समेत सभी आरोपियों से घोटाले की पूरी रकम वसूल ली जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
कुमार ने कहा कि बैंक सभी जरूरी प्रावधान करेगा और इसके लिए उसके पास पर्याप्त पैसा है। यह मामला एक शाखा का है और दोषियों के खिलाफ सभी संभव कदम उठाए जाएंगे। साथ ही अन्य बैंकों को भी सतर्क कर दिया गया है।
हमने पीएनबी के एलओयू के आधार पर दिया पैसा : एक्सिस बैंक
एक्सिस बैंक ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) के जरिए लेनदेन में सक्रिय हिस्सेदार है और उसने पंजाब नेशनल बैंक के साथ ऐसे मामलों में लेनदेन किया है।
बैंक ने एक बयान में कहा कि विदेश सामान्य कामकाज के तहत हम अपनी विदेशी शाखाओं के जरिए दूसरे बैंकों द्वारा जारी एलओयू के आधार पर लेनदेन करते हैं। ये पैसा एलओयू जारी करने वाले बैंक के नोस्ट्रो अकाउंट में जाता है। पीएनबी में घोटाले के सामने आने के बाद एक्सिस बैंक के स्टॉक में बृहस्पतिवार को 0.17 फीसदी की गिरावट देखी गई।