सभापति वेंकैया नायडू ने इस समस्या से निपटने के उपाय सुझाने के लिए रमेश की अगुवाई में 14 सदस्यीय समिति का गठन कर एक महीने में रिपोर्ट देने को कहा था। समिति ने इस विषय पर तीन बैठकों के बाद यह रिपोर्ट तैयार की।
समिति ने ट्विटर व फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ार्म तथा संबद्ध पक्षकारों से विचारविमर्श के बाद पॉक्सो क़ानून में चाइल्ड पोर्नोग्राफ़ी की परिभाषा को व्यापक बनाने और इसकी ऑनलाइन निगरानी के तंत्र को मजबूत बनाने के लिए तकनीकी सुझाव भी दिए हैं।
इनमें भारत में उपलब्ध सभी संचार उपकरणों में ऐसे एप्स को अनिवार्य बनाने के लिए कहा है जिसकी मदद से बच्चों तक अश्लील सामग्री की पहुंच पर अभिभावक सतत निगरानी रख सकें।
समिति ने ऑनलाइन ओटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म को वयस्कों के लिए प्रसारित होने वाली सामग्री अलग स्थान सुनिश्चित करने का सुझाव भी दिया है ताकि बच्चों को इसकी पहुंच से दूर रखा जा सके।