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संसद डायरी: जजों की छुट्टियों पर SC को सौंपी रिपोर्ट; NEET, NTA निरस्त करने के प्रस्ताव का सरकार ने किया विरोध

Sat, 03 Aug 2024 05:50 AM IST
विशांत श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जजों की छुट्टियों को लेकर संसदीय समिति की रिपोर्ट सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट को भेज दी है। संसद में NEET, NTA निरस्त करने के प्रस्ताव का सरकार ने विरोध किया है।
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संसद - फोटो : संसद टीवी वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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जजों की छुट्टियों पर सुप्रीम कोर्ट को सौंपी संसदीय समिति की रिपोर्ट

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सरकार ने जजों की छुट्टियों पर संसदीय समिति की रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट के महासचिव और सभी हाईकोर्ट के महापंजीयक को भेज दिया है। शुक्रवार को लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि विधि और कार्मिक संबंधी स्थायी समिति ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश आरएम लोढ़ा के सुझाव का उल्लेख करते हुए सभी न्यायाधीशों को एक ही समय पर अवकाश पर जाने के बजाय, वर्ष के अलग-अलग समय पर अवकाश लेने की सिफारिश की है, ताकि न्यायालय लगातार खुले रहें। 

 

देश में पांच वर्ष में 4.43 करोड़ मनरेगा जॉब कार्ड हुए रद्द
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि 2019-20 से अब तक 4.43 करोड़ से ज़्यादा मनरेगा जॉब कार्ड रद्द किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जॉब कार्डों का सत्यापन एक नियमित कार्य है। उचित सत्यापन के बाद फर्जी पाए जाने पर जॉब कार्ड को रद्द किया जाता है। इस वर्ष 30 जुलाई तक कुल 22,24,982 (22 लाख) जॉब कार्ड रद्द किए गए हैं। मनरेगा के तहत अब तक कुल 14.23 करोड़ जॉब कार्ड जारी किए गए हैं, जिनसे 24.77 करोड़ श्रमिक जुड़े हैं। इनमें से 9.1 करोड़ जॉब कार्ड सक्रिय हैं, जिनसे 13.11 करोड़ श्रमिक जुड़े हैं। 

जीवन बीमा व स्वास्थ्य बीमा को जीएसटी से बाहर करने की मांग
सांसदों ने सरकार से आग्रह किया कि जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे से बाहर किया जाए। स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस की शर्मिला सरकार ने लोकसभा में  कहा कि यदि सरकार जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम से जीएसटी खत्म नहीं करेगी तो उनकी पार्टी बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। इससे पहले तृणमूल के ही सुदीप बंदोपाध्याय ने सदन में प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद यह मांग उठाई। शिवसेना (यूबीटी) के राजाभाऊ वाजे ने भी कहा कि स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम से जीएसटी हटाई जाए।  

 

असम में बाढ़ से 117 लोगों की हुई मौत  
केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि बाढ़ के कारण असम में पिछले पांच साल में कुल 880 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से 117 लोगों की मौत इस साल हुई है।केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी देते हुउ कहा, 2019 से 27 जुलाई, 2024 तक राज्य में विनाशकारी बाढ़ के कारण कुल 880 लोगों की मौत हो गई। राय ने बताया कि इस साल अब तक 117 लोगों की मौत हुई जबकि 2023 में 65; 2022 में 278; 2021 में 73; 2020 में 190 और 2019 में 157 लोगों की मौत हो गई थी।

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नीट और एनटीए निरस्त करने के प्रस्ताव का सरकार ने किया विरोध
राज्यसभा में एक निजी प्रस्ताव पेश कर सरकार से शिक्षा को समवर्ती सूची से हटाने के लिए कानून बनाने और राज्यों को मेडिकल प्रवेश परीक्षा कराने की अनुमति देने के लिए नीट और एनटीए को निरस्त करने का अनुरोध किया गया। सरकार ने प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के फैसले की भावना के खिलाफ है।

डीएमके सांसद एम मोहम्मद अब्दुल्ला ने सत्तापक्ष के विरोध के बीच राज्यसभा में दोपहर के सत्र में निजी सदस्य के कार्य के दौरान प्रस्ताव पेश किया।  प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उनके पहले कार्यकाल के दौरान  नीट लागू होने से पहले मेडिकल शिक्षा में व्यापक रूप से भ्रष्टाचार फैला था। मेडिकल शिक्षा व्यवसाय का अड्डा बन गई थी। जब मैं स्वास्थ्य मंत्री था और नीट ला रहा था, तो पोस्ट ग्रेजुएशन की एक सीट 8 करोड़ रुपये में बेची जाती थी और अगर आपको रेडियोलॉजी जैसे विषय को चुनना होता तो यह 12-13 करोड़ रुपये होती थी। इसके अलावा नीट आने से पहले छात्रों को मेडिकल परीक्षा के लिए देशभर में यात्रा करनी पड़ती थी। पैसे और समय खर्च करने के अलावा छात्रों को मेडिकल शिक्षा प्रणाली में भारी भ्रष्टाचार से भी जूझना पड़ता था।

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