संसद की एक समिति ने केंद्र से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए कपड़े, उपकरण, राशन और आवास के लिए अलग बजट रखने की सिफारिश की है। समिति ने कहा है कि इससे सैनिकों को कठोर और खराब मौसम का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम बनाने में काफी मदद मिलेगी।
हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए सतर्क
संसद की लोक लेखा समिति ने सोमवार को लोकसभा में पेश एक रिपोर्ट में यह भी कहा कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों की दुर्गम और बर्फीली जलवायु परिस्थितियों में देश की सुरक्षा करने वाले सैनिकों के लिए विशेष प्रावधान करना बेहतर हो सकता है, जहां तापमान शून्य से 50 डिग्री सेल्सियस नीचे तक गिर जाता है। समिति ने कहा है कि भारत की सीमाओं पर खतरे को देखते हुए यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, जिसके कारण हमारे सैनिक देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए लगातार सतर्क रहते हैं।
कपड़ों की खरीद में चार साल तक की देरी
रक्षा मंत्रालय (सैन्य विभाग) से संबंधित प्रावधान, खरीद और अधिक ऊंचाई, कपड़े, उपकरण, राशन और आवास मुद्दे पर रिपोर्ट को सोमवार को राज्यसभा में रखा गया। इसमें कहा गया है कि समिति की ओर से विषय की गई विस्तृत जांच से पता चला कि कपड़ों की खरीद के मामले में चार साल तक की देरी हुई। आयुध कारखानों से अनुबंधित वस्तुओं को प्राप्त करने में भी अत्यधिक देरी हुई। इसके चलते कपड़े और उपकरण की भारी कमी हो गई सैनिकों को समय पर जारी नहीं किया जा सका। वस्तुओं की खरीद में देरी के चलते ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात सैनिकों के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर भी असर पड़ा।