सरकार ने यदि संसदीय समिति की सिफारिश मानी तो भविष्य में सांसद अस्पताल के लिए जेनरेटर और श्रवण यंत्र खरीदने के लिए सांसद निधि का उपयोग कर सकेंगे। संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना संबंधी समिति ने इस आशय की सिफारिश सरकार से की है।
हालांकि समिति ने कुछ सांसदों की उस मांग को ठुकरा दिया है, जिसमें सांसद निधि से स्कूलों के शौचालयों की मरम्मत करवाने की मांग की थी। सांसद निधि को बढ़ा कर 25 करोड़ करने की सिफारिश की गई है।
अस्पताल के लिए जेनरेटर खरीदने में सांसद निधि के इस्तेमाल की इजाजत देने की मांग उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने समिति के समक्ष की थी। मंगलवार को लोकसभा में जब इससे संबंधित रिपोर्ट पेश हुई तब समिति के अध्यक्ष एम थंबीदुरई ने सांसद निधि की सीमा प्रतिवर्ष 5 करोड़ से बढ़ा कर 25 करोड़ करने की सिफारिश की। इस मांग का कई दलों के सांसदों ने समर्थन किया।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि राज्यपाल नाईक ने महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्र के अस्पताल में बिजली समस्या की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा था कि अगर जेनरेटर खरीद के लिए सांसद निधि के इस्तेमाल की इजाजत दी गई तो इससे ग्रामीण इलाकों में बड़ा परिवर्तन आएगा।
इस सुझाव को बेहद महत्वपूर्ण मानते हुए समिति ने इस आशय की सिफारिश सरकार से की है। इसके अलावा समिति ने सांसद निधि के तहत 10 लाख रुपये तक के श्रवण यंत्रों की खरीद और शौचालयों की मरम्मत करने के लिए इस निधि के इस्तेमाल की इजाजत देने की सिफारिश की है।
लोकसभा में रिपोर्ट पेश करते समय थंबीदुरई ने कहा कि सांसद निधि के तहत प्रतिवर्ष 5 करोड़ रुपये बेहद कम है। संसदीय क्षेत्र का आकार काफी बड़ा होने के कारण यह रकम सांसदों के लिए समस्या बनती जा रही है।