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Parliament Updates: कल्याण बनर्जी ने सिंधिया पर टिप्पणी के लिए लिखित माफी मांगी; बिरला ने भी दी नसीहत

Thu, 12 Dec 2024 12:54 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लोकसभा में बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद की केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर की गई टिप्पणी पर जमकर बवाल हुआ था। सत्ता पक्ष के सदस्यों के शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार बाधित हुई। इसके बाद सदन को तीसरी बार दिनभर के लिए स्थगित करना पड़ा था।
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Om Birla - फोटो : PTI
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विस्तार
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तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधियाद से माफी मांग ली है। उन्होंने विवादित टिप्पणी के लिए लिखित रूप से माफी मांगी है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को सदन को इसकी जानकारी दी। कल्याण बनर्जी ने बुधवार को सदन में भी माफी मांगी थी।

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लोकसभा अध्यक्ष ने सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर बुधवार के प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं है। सदन में कल जो कुछ हुआ, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। किसी सदस्य को महिलाओं पर केंद्रित टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। यह सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं है। सदस्यों से अनुरोध है कि उन्हें अपने भाषण में किसी जाति, समाज, महिला, पुरुष पर व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि यहां सहमति, असहमति और सकारात्मक रूप से व्यंग्य होते हैं, लेकिन ऐसी टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए जो सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं हो। उन्होंने सदन को बताया कि बनर्जी ने सदन में क्षमा मांग ली है और लिखित में मुझे भी दे दी है।
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बीते दिन लोकसभा में हुआ था बवाल
इससे पहले लोकसभा में बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद की केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर की गई टिप्पणी पर जमकर बवाल हुआ था। सत्ता पक्ष के सदस्यों के शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार बाधित हुई। इसके बाद सदन को तीसरी बार दिनभर के लिए स्थगित करना पड़ा था।

क्या है मामला?
कल्याण बनर्जी ने सदन में ‘आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2024’ पर चर्चा में भाग लेते हुए केंद्र सरकार पर कोरोना महामारी के दौरान पश्चिम बंगाल की सरकार को मदद नहीं करने का आरोप लगाया था। जब केंद्रीय नागर विमानन मंत्री सिंधिया ने उनकी बात का विरोध किया तो दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इसी बीच बनर्जी ने सिंधिया के खिलाफ कोई टिप्पणी की और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस सदस्य के कुछ शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। बाद में बनर्जी ने अपनी टिप्पणी के लिए सिंधिया से माफी मांगी, लेकिन केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह अपने खिलाफ निजी हमले और भारत की महिलाओं के खिलाफ बयान पर विपक्षी सांसद की माफी स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : एक्स/भारत की राष्ट्रपति
भारतीय वायुयान विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी
भारत में विमानों के डिजाइन और निर्माण से जुड़े भारतीय वायुयान विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल गई है। भारतीय वायुयान विधेयक 90 वर्ष पुराने विमान अधिनियम का स्थान लेगा। विधेयक को इस माह के प्रारंभ में संसद से मंजूरी मिली थी। ग्यारह दिसंबर को जारी की गई अधिसूचना के अनुसार विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। विमान अधिनियम 1934 में 21 बार संशोधन किया जा चुका है।
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आईएएस के 1,300 से अधिक  व आईपीएस के 586 पद खाली
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के क्रमशः 1,316 और 586 पद खाली हैं।  उन्होंने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया, 6,858 आईएएस की कुल स्वीकृत पद में से 1 जनवरी, 2024 तक 5,542 अधिकारी पद पर थे।

कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा, 5,055 स्वीकृत पदों के मुकाबले 4,469 आईपीएस अधिकारी काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आईएएस के 1,316 रिक्त पदों में से 794 सीधी भर्ती के लिए थे और 522 पदोन्नति पद थे। मंत्री ने कहा कि 586 रिक्त आईपीएस पदों में से 209 सीधी भर्ती के लिए थे और 377 पदोन्नति पद थे। उन्होंने बताया कि 3,193 की स्वीकृत संख्या के मुकाबले 2,151 भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी पद पर हैं। उन्होंने कहा कि 1,042 रिक्त आईएफएस पदों में से 503 सीधी भर्ती के लिए और 539 पदोन्नति पद हैं। आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों का चयन संघ लोक सेवा आयोग की  परीक्षा के माध्यम से किया जाता है।

खाली पद भरने के लिए विभागों को समय-समय पर दिया जाता है निर्देश
केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों को समय-सीमा में रिक्तियों को भरने के लिए समय-समय पर निर्देश दिया जाता है। केंद्र ने राज्यसभा को इसकी जानकारी दी। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक सवाल के जवाब में यह बयान दिया कि क्या सरकार को पता है कि केंद्र सरकार के तहत हर मंत्रालय/विभाग/पीएसयू 2019 से शून्य भर्ती या बहुत कम भर्ती के कारण 30 से 60 प्रतिशत तक कर्मचारियों की कमी का सामना कर रहा है।
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