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Parliament: लोकसभा ने समानांतर चुनाव समिति का कार्यकाल बढ़ाया; BJD सांसद ने क्यों सत्र शिफ्ट करने की मांग की?

Thu, 11 Dec 2025 01:58 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शीतकालीन सत्र का आज नौवां दिन है। जहां लोकसभा और राज्यसभा में कई सारे मुद्दों पर जोरदार बहस जारी है। इसी बीच लोकसभा ने समानांतर चुनाव समिति का कार्यकाल बढ़ा दिया है। तो दूसरी ओर राज्यसभा में बीजेडी सांसद मनस रंजन मंगराज ने दिल्ली की प्रदूषित हवा का हवाला देते हुए सत्र को शिफ्ट करने की मांग की है। 
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संसद की फाइल तस्वीर - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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लोकसभा ने गुरुवार को उस संसदीय समिति का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया, जो लोकसभा और राज्यों की विधानसभा के लिए एक साथ चुनाव कराने से जुड़े बिलों की जांच कर रही है। समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 की समीक्षा करने वाली संयुक्त समिति के कार्यकाल को 2026 के बजट सत्र के आखिरी सप्ताह के पहले दिन तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।

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यह प्रस्ताव आवाज (वॉइस) वोट से पास हो गया। बता दें कि यह समिति पिछले साल दिसंबर में बनी थी और तब से अब तक कई संवैधानिक विशेषज्ञों, अर्थशास्त्रियों और विधि आयोग के अध्यक्ष दिनेश महेश्वरी समेत कई विशेषज्ञों से मुलाकात कर चुकी है।

बीजेडी सांसद ने सत्र को दूसरी जगह शिफ्ट करने की अपील की

दिल्ली की खराब हवा को लेकर बीजेडी के राज्यसभा सांसद मनस रंजन मंगराज ने गुरुवार को संसद में शीतकालीन सत्र को दूसरे शहर में शिफ्ट करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक दिल्ली की हवा सुधर नहीं जाती, तब तक संसद का शीतकालीन और बजट सत्र दिल्ली से बाहर किसी अन्य शहर में आयोजित किया जाए। उन्होंने दिल्ली की हर साल होने वाली प्रदूषण की समस्या को मानव-निर्मित आपदा बताया। ओडिशा के रहने वाले मंगराज ने जीरो आवर के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि जैसे उनका राज्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में तेज और अनुशासित तरीके से काम करता है, वैसे ही दिल्ली के प्रदूषण पर भी तुरंत और गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए।

मंगराज ने कहा कि मैं ओडिशा से आता हूं, जो चक्रवात और बाढ़ जैसी आपदाओं से बेहतरीन तरीके से लड़ता है। लेकिन जो मुझे परेशान करता है, वह है दिल्ली। सांसद ने कहा कि सांसदों, अधिकारियों, ड्राइवरों, सफाई कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को रोज जहरीली हवा में काम करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हम उनकी परेशानी अनदेखी नहीं कर सकते। इसे सामान्य नहीं कह सकते।  उनका कहना था कि हर साल प्रदूषण के चरम समय में संसद सत्र कराना लोगों की जान को खतरे में डालना है।

मंगराज ने इन शहरों का दिया सुझाव
मंगराज ने कई ऐसे शहरों का सुझाव दिया जहां हवा बेहतर है और सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जैसे भुवनेश्वर, हैदराबाद, गांधीनगर, बंगलूरू, गोवा और देहरादून। उन्होंने कहा कि अगर ओडिशा कुछ ही घंटों में लाखों लोगों को चक्रवात से पहले सुरक्षित जगह पहुंचा सकता है, तो भारत सरकार भी अपने सांसदों और कर्मचारियों की सेहत बचाने के लिए दो संसद सत्र दूसरी जगह करा सकती है।

राज्यसभा में भाजपा सांसद के लक्ष्मण ने निजी अस्पतालों में पारदर्शी बिलिंग की मांग की
भाजपा सांसद के. लक्ष्मण ने गुरुवार को राज्यसभा में सरकार से अपील की कि निजी अस्पतालों में पारदर्शी और मानकीकृत मेडिकल बिलिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कई परिवार अत्यधिक और अनुचित मेडिकल बिलों के कारण आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। लक्ष्मण ने आगे कहा कि कुछ निजी कॉर्पोरेट अस्पताल अनावश्यक जांच, बिना कारण लंबी भर्ती और अस्पष्ट बिलिंग जैसी मनमानी प्रथाओं में लिप्त हैं।

उन्होंने बताया कि ओपीडी शुल्क अक्सर 1,500 से 2,000 रुपये तक होता है, जो आयुष्मान भारत जैसे योजनाओं में शामिल नहीं है। इसके साथ हगी सांसद ने सरकार से कहा कि मानकीकृत प्रोटोकॉल, पारदर्शी बिलिंग और मजबूत नियामक ढांचा लागू किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि “एक स्वस्थ कार्यबल ही 2047 तक विकसित भारत बनाने में मदद कर सकता है।”

महिलाओं को 33% आरक्षण का कानून तत्काल लागू हो- उत्तम
सपा सांसद नरेश उत्तम पटेल ने लोकसभा में कहा कि महिलाओं को 33% आरक्षण का कानून तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं को लोकसभा व विधानसभाओं में आरक्षण के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाई थी। इसे देश भर के सांसदों ने समर्थन दिया था। साल 2023 में यह कानून भी बन गया। पर अब अभी तक यह लागू नहीं हुआ।
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हवाई जहाज- जीपीएस में हस्तक्षेप के दो साल में सामने आए 1951 मामले
पिछले दो वर्षों में देश के हवाई जहाजों के जीपीएस सिस्टम में हस्तक्षेप के कुल 1,951 मामले सामने आए हैं। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा को लिखित जवाब में बताया कि नेविगेशन को गलत सिग्नल देना की घटनाएं दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत कई प्रमुख हवाई अड्डों पर दर्ज हुई हैं। डीजीसीए के निर्देश के बाद नवंबर, 2023 से इन घटनाओं की रिपोर्टिंग शुरू की गई। जो विमानन सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन रहे हैं। मंत्री मुरलीधर ने स्पष्ट किया कि यह एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है, जिसकी जांच वायरलेस मॉनिटरिंग ऑर्गनाइजेशन कर रहा है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निवारक उपाय और सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की गई हैं।

डीजीसीए ने 10 नवंबर को दिल्ली एयरपोर्ट के आसपास वास्तविक समय में जीपीएस स्पूफिंग और ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम में हस्तक्षेप की रिपोर्टिंग के लिए विशेष एसओपी जारी किया। इसका उद्देश्य पायलटों और एटीसी को तुरंत जानकारी देना व किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टालना है। अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन ने स्पूफिंग को रेडियो फ्रीक्वेंसी इंटरफेरेंस का हिस्सा बताया है। वॉयरलेस मॉनिटरिंग ऑर्गनाइजेशन इस मामले की जांच कर रहा है ताकि इन घटनाओं की जड़ तक पहुंचा जा सके और भविष्य में रोकथाम की रणनीति बनाई जा सके।
 
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