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Ram Nath Kovind: 23 जुलाई को राष्ट्रपति के लिए संसद में होगी फेयरवेल पार्टी, राज्यसभा में पीयूष गोयल फिर नियुक्त किए गए नेता

Thu, 14 Jul 2022 09:18 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदाई समारोह के दौरान रामनाथ कोविंद को सदस्यों की ओर से प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिंन्ह और सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित एक हस्ताक्षर पुस्तिका भी भेंट की जाएगी। विदाई समारोह के बाद हाई-टी होगा और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला विदाई भाषण देंगे। 
 
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रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आने वाली 25 जुलाई को देश के नए राष्ट्रपति शपथ लेंगे, लेकिन उससे पहले 23 जुलाई को देश के वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को एक समारोह आयोजित कर विदाई दी जाएगी। रामनाथ कोविंद का विदाई समारोह शनिवार को शाम साढ़े पांच बजे संसद भवन के सेंट्रल हॉल में होगा। सूत्रों के मुताबिक, इस मौके भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य सांसद मौजूद रहेंगे। 

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सूत्रों ने बताया कि विदाई समारोह के दौरान रामनाथ कोविंद को सदस्यों की ओर से प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिंन्ह और सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित एक हस्ताक्षर पुस्तिका भी भेंट की जाएगी। विदाई समारोह के बाद हाई-टी होगा और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला विदाई भाषण देंगे। 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेंट में दी जाने वाली सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित हस्ताक्षर पुस्तिका को 18 से 21 जुलाई के बीच संसद के सेंट्रल हॉल में रखा जाएगा ताकि वे अपने नाम पर हस्ताक्षर कर सकें। इससे पहले 16 जुलाई, 2022 को कोविंद राष्ट्रपति भवन में केंद्रीय मंत्रियों और राज्यपालों के लिए रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे।
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भारत के राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त होने के बाद राम नाथ कोविंद राष्ट्रपति भवन छोड़कर 12, जनपथ रोड पर उन्हें आवंटित आवास में चले जाएंगे। इस आवास पर पहले दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का कब्जा था। गौरतलब है कि भारत के निवर्तमान राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई, 2022 को समाप्त हो रहा है। भारत के नए राष्ट्रपति का चुनाव 18 जुलाई को होगा और परिणाम 21 जुलाई को घोषित किया जाएगा।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राज्यसभा में पार्टी का नेता बनाए रखने का फैसला किया है। तीसरी बार राज्यसभा का सदस्य निर्वाचित होने के बाद इस फैसले से गोयल का सदन का नेता बनने का रास्ता साफ हो गया है। गोयल राज्यसभा के अपने पिछले कार्यकाल के दौरान भी सदन के नेता थे। उनसे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत राज्यसभा में सदन के नेता थे। थावरचंद गहलोत को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद गोयल को उच्च सदन में यह जिम्मेदारी दी गई थी।

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