देश में आज यानी कि सोमवार 18 सितंबर से संसद के विशेष सत्र की शुरुआत हो गई है। इसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुराने संसद भवन में 50 मिनट का आखिरी भाषण दिया और इस दौरान वह थोड़ा भावुक हो गए।
देश में आज यानी कि सोमवार 18 सितंबर से संसद के विशेष सत्र की शुरुआत हो गई है। इसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुराने संसद भवन में 50 मिनट का आखिरी भाषण दिया और इस दौरान वह थोड़ा भावुक हो गए। उन्होंने 75 साल पूरे होने पर चर्चा से शुरुआत की और पुरानी यादों ताजा किया।
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इस दौरान वह थोड़ा भावुक हो गए और बोले कि जब मैंने पहली बार एक सांसद के रूप में इस भवन में प्रवेश किया, तो सहज रूप से मैंने इस सदन के द्वार पर अपना शीश झुकाकर, इस लोकतंत्र के मंदिर को श्रद्धाभाव से नमन किया था। वो पल मेरे लिए भावनाओं से भरा हुआ था।
पीएम ने कहा कि मैं कभी कल्पना भी नहीं कर सकता था, लेकिन ये भारत के लोकतंत्र की ताकत है और भारत के सामान्य मानवी की लोकतंत्र के प्रति श्रद्धा का प्रतिबिंब है कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर गुजारा करने वाला एक गरीब परिवार का बच्चा पार्लियामेंट में है। मैने कभी कल्पना तक नहीं की थी कि देश मुझे इतना सम्मान देगा, इतना आशीर्वाद देगा और इतना प्यार देगा।
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पूर्व पीएम के योगदान को सराहा
उन्होंने अपने आखिरी भाषण में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से लेकर अपने पूर्ववर्ती पीएम मनमोहन सिंह के योगदान की सराहना की। इसके अलावा पिछले 75 वर्षों में दोनों सदनों को मिलाकर 7,500 के लगभग जनप्रतिनिधि (सांसद), जिसमें शामिल 600 के लगभग महिला जनप्रतिनिधियों के योगदान की तारीफ की। साथ ही संसद भवन के कर्मचारियों और मीडिया के योगदान को भी सराहा।
विपक्षी पार्टियों ने तैयार की ये लिस्ट
बता दें कि केंद्र ने यह विशेष सत्र 18 से 22 सितंबर तक बुलाया है। दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियों ने अपनी सवाल-जवाब के लिए कुछ 9 मुद्दों से भरी लिस्ट तैयार की। कल यानी मंगलवार 19 सितंबर से संसद की कार्यवाही नए संसद भवन में शुरू होनी है।