लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को फिर से अपनी तीन मांग को दोहराया। उन्होंंने कहा कि सरकार से सिर्फ तीन मांग हैं। शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा दे। तभी हम संसद में बातचीत या चर्चा करेंगे।
1) भ्रष्ट शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना होगा।
2) छात्रों पर हमला करने और उनकी पिटाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
3) प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सोशल मीडिया पोस्ट को टैग करते हुए कहा, 'कृपया ध्यान दें, समय आने पर आप ही जवाबदेह होंगे। जिसमें छात्रों को जंतर मंतर से दूर रहने की सलाह दी गई थी। आप छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने के लिए धमकाने की हिम्मत कैसे करते हैं?'
दिल्ली विश्वविद्यालय ने क्या आदेश दिए?
उनकी यह टिप्पणी गुरुवार रात दिल्ली विश्वविद्यालय के एक पोस्ट के जवाब में आई, जिसमें कहा गया था, 'प्रिय छात्रों और शिक्षकों, आपकी सुरक्षा हमारे लिए मायने रखती है। कृपया ध्यान दें कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कोई भी गैरकानूनी सभा या प्रदर्शन, जो भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सख्ती से नियंत्रित है, कानूनी कार्रवाई को आमंत्रित कर सकता है।'
दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) 20 जून से दिल्ली के मध्य में विरोध प्रदर्शन कर रही है। वे एनईटी परीक्षा के पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।