संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने वित्त, रक्षा, रेलवे और नागरिक मामलों समेत कई अहम मुद्दों की जांच के लिए छह उप-समितियों का गठन किया है। इन समितियों का काम सरकारी विभागों में देरी, गड़बड़ियों और ऑडिट रिपोर्टों में दर्ज मामलों की गहराई से जांच करना होगा। इसमें देरी से बने 'धनुष' तोप प्रणाली से लेकर दूरसंचार विभाग में स्पेक्ट्रम प्रबंधन की ऑडिट रिपोर्ट तक कई अहम विषय शामिल हैं।
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वित्त संबंधी मामलों की जांच के लिए समिति
वित्त पर बनी उप-समिति का संयोजन सुखेंदु शेखर रे (टीएमसी) करेंगे और कांग्रेस नेता अमर सिंह वैकल्पिक संयोजक होंगे। इस समिति में भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या, सी.एम, रमेश, अनुराग ठाकुर, टीडीपी के एम. श्रीनिवासुलु रेड्डी और जनसेना पार्टी केबालाशोवरी वल्लभनेनी शामिल होंगे।
रक्षा मामलों की जांच समिति में कौन-कौन?
रक्षा पर बनी उप-समिति की संयोजक भाजपा नेता अपराजिता सारंगी होंगी। इसमें वैकल्पिक संयोजक सी.एम. रमेश होंगे। समिति में वल्लभनेनी, सूर्या, रेड्डी,रविशंकर प्रसाद (भाजपा) और टीआर बालू (डीएमके) सदस्य हैं।
रेलवे उप-समिति की समिति
रेलवे से जुड़े मामलों की जांच के लिए भाजपा के के. लक्ष्मण को संयोजक और डीएमके नेता तिरूची शिवा को वैकल्पिक संयोजक बनाया गया है। समिति में सौगत राय (टीएमसी), जय प्रकाश (कांग्रेस), अशोक चव्हाण, जगदंबिका पाल और अनुराग ठाकुर (भाजपा) सदस्य हैं।
सिविल-I और सिविल-II उप-समिति
सिविल-I उप-समिति की संयोजन जिम्मेदारी सपा नेता धर्मेंद्र यादव को दी गई है, जबकि वैकल्पिक संयोजक भाजपा के निशिकांत दुबे होंगे। इस समिति में तिरुची शिवा, शक्तिसिंह गोहिल, अमर सिंह, अशोक चव्हाण और रविशंकर प्रसाद सदस्य हैं। सिविल-II समिति के संयोजक डीएमके नेता टीआर बालू होंगे और भाजपा के सुधांशु त्रिवेदी वैकल्पिक संयोजक। इसमें सौगत राय, जय प्रकाश, जगदंबिका पाल, प्रफुल पटेल (एनसीपी) और के. लक्ष्मण सदस्य होंगे।
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कार्रवाई रिपोर्ट में देरी की जांच
सरकारी विभागों द्वारा ऑडिट टिप्पणियों पर कार्रवाई रिपोर्ट देने में हो रही देरी की जांच के लिए बनी उप-समिति में सुधांशु त्रिवेदी, सौगत राय, अपराजिता सरंगी, प्रफुल पटेल और निशिकांत दुबे सदस्य होंगे। पीएसी के इन छह उप-समितियों का मकसद सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाना और जवाबदेही तय करना है, ताकि भविष्य में देरी और लापरवाही के मामलों को कम किया जा सके।