मणिपुर मुद्दे पर विपक्ष के विरोध के बीच लोकसभा के बाद अब राज्यसभा ने भी अपतटीय क्षेत्र खनिज कानून संशोधन विधेयक 2023 पारित कर दिया है। मणिपुर मुद्दे पर विपक्षी सांसदों के बहिर्गमन के बीच इस विधेयक को ध्वनिमत से पारित किया गया। अब इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की अनुमति के बाद यह विधेयक कानून बन जाएगा। इस विधेयक में अपतटीय खनिजों के लिए एक निश्चित 50-वर्षीय उत्पादन पट्टा प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। बता दें कि अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2002 में लागू किया गया था। बता दें कि इससे पहले, मंगलवार को लोकसभा ने इस विधेयक को पारित कर दिया था।
इससे पहले राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध बृहस्पतिवार भी बरकरार रहा । विपक्ष ने दो बार सदन से बहिर्गमन किया एक बार शून्यकाल के दौरान और दोपहर की बैठक के बाद। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राज्यसभा में अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक 2023 को सदन पटल पर चर्चा के लिए ने रखा। उन्होंने कहा कि कहा कि यह संशोधन विधेयक समुद्र की अनंत गहराइयों में छुपे खजाने और अध्ययन को सामने लाएगा। इससे शोध और जमीन के भीतर की हलचल के अध्ययन करने में भी मदद मिलेगी, जोशी ने कहा भारत के प्राचीन ग्रंथों में समुद्र मंथन से निकलने वाले अमूल्य धरोहरों का जिक्र है।
चर्चा में भाग लेते हुए वाईएसआरसीपी के वी विजय साई रेड्डी ने कहा कि वह विधेयक का समर्थन करते हैं, लेकिन समुद्री विविधता की रक्षा के लिए यह आवश्यक है कि संशोधन में समस्त बिंदुओं पर विचार किया जाए। यह संशोधन विधेयक महत्वपूर्ण है कि समुद्र तट पर रहने वाले लोगों और रोजगार के अवसर इस पर निर्भर करेंगे, इसलिए सरकार समुद्र तल खनन नीति का मसौदा अधिक सावधानी के साथ तैयार करें। बहुजन समाज पार्टी के राम जी गौतम ने कहा कि वह इसका समर्थन करते हैं।
परंतु सरकार से अपेक्षा करते हैं कि वह समुद्र की अनंत गहराइयों में छिपे हुए शोध करने के लिए उसके पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान नहीं पहुंचाएगी, इसे सुनिश्चित करेगी। इसके लिए एक सतत निगरानी तंत्र का निर्माण करेगी। संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा अपतटीय क्षेत्र खनिज विकास और बिल में संशोधन विधेयक देश की उन्नति और तटीय क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करेगा। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि देश के आर्थिक विकास में भी समुद्री अर्थव्यवस्था महत्वपूर्ण योगदान करेगी। विपक्ष की गैरमौजूदगी में विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
इस विधेयक में अपतटीय खनिजों के लिए 50-वर्षीय उत्पादन पट्टा प्रदान करने का प्रावधान है। इसके विधेयक में अपतटीय खनिजों के लिए उत्पादन पट्टा नीलामी प्रक्रिया के जरिए देने का प्रावधान है । इसके अलावा, विधेयक में परमाणु खनिजों के संबंध में अन्वेषण लाइसेंस या उत्पादन पट्टा केवल सरकार या सरकारी निगम को देने का प्रावधान किया गया है।