संसद के 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में विपक्ष ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी, इथेनॉल मिश्रण, छात्र से जुड़े मुद्दों और मणिपुर की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की मांग की है। यह मांग सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में की गई।
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने रविवार इस बारे में बताते हुए कहा कि विपक्ष की ओर से इन तमाम मुद्दों पर सरकार से संसद में चर्चा कराने की मांग की गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई केंद्रीय मंत्री और विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। बैठक के बाद गोगोई ने कहा कि सरकार ने सत्र के लिए कई विधेयकों को सूचीबद्ध किया है, लेकिन इससे भी अधिक महत्वपूर्ण कई मुद्दे हैं, जिन पर सदन में चर्चा होनी चाहिए।
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विपक्ष ने की किन-किन मुद्दों पर संसद में चर्चा की मांग?
गौरव गोगोई ने कहा, "हमने ये मुद्दे उठाए और संसद में इन पर चर्चा की मांग की। सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा अयोध्या के राम मंदिर में दानराशि की चोरी का है। सरकार को इस पर अपनी संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। हम छात्रों का विरोध प्रदर्शन भी देख रहे हैं, लेकिन सरकार का कोई भी व्यक्ति इसकी नैतिक जिम्मेदारी नहीं ले रहा है।"
गोगोई ने कहा कि विपक्ष जनता के मुद्दे उठा रहा है, लेकिन सरकार उन्हें नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को इन मामलों में अधिक संवेदनशील होने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "चाहे इथेनॉल का मुद्दा हो, छात्रों के मुद्दे हों, 'सदन की चोरी' हो, मणिपुर का मुद्दा हो या मंदिर में चोरी का मामला। अगर सरकार इन मुद्दों से भागेगी तो उसे इसका नुकसान उठाना पड़ेगा।"
परिसीमन से तानाशाही लाना चाहती है सरकार : सपा सांसद धर्मेंद्र यादव
सर्वदलीय बैठक में शामिल समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि उन्होंने राम मंदिर की दानराशि में कथित चोरी और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन पर संसद में चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की दानराशि में कथित चोरी के मामले में सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया के जरिए "तानाशाही लाना चाहती है"। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी परिसीमन के किसी भी स्वरूप का विरोध करेगी।
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गृह मंत्री अमित शाह पेश करेंगे कौन सा बिल?
राज्यसभा की 20 जुलाई की कार्यसूची के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे। यह राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में संशोधन करने वाला विधेयक होगा।