केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के थमने के साथ ही सरकार को उम्मीद है कि इस बार जुलाई में संसद का मानसून सत्र सामान्य कार्यक्रम के तहत शुरू हो सकता है। पिछले साल मानसून सत्र सितंबर में शुरू हुआ था।
हालांकि सूत्रों के मुताबिक इस साल मानसून सत्र आयोजित करने की तैयारियों को लेकर चर्चा तेज है। लोकसभा और राज्य सभा के अधिकतर सांसदों और कर्मचारियों को कोरोना टीके की कम से कम एक खुराक लग चुकी है, ऐसे में अधिकारियों को उम्मीद है कि संसद का मानसून सत्र समय से जुलाई में हो सकता है।
संसदीय प्रवर समिति ने रद्द की वर्चुअल बैठकें, जुलाई में होगी
संसद की प्रवर समितियों ने किसी भी वर्चुअल सत्र से इनकार करते हुए जुलाई से पहले की तरह सामान्य बैठकें करने का फैसला लिया है। कोरोना की दूसरी लहर के चलते इन समितियों ने अपनी बैठकें रद्द कर रखी हैं।
चूंकि अधिकांश सांसदों, संसद के कर्मचारियों का टीकाकरण हो गया है और देश में सक्रिय मामले भी कम हो रहे हैं। ऐसे में जुलाई से बैठकें पहले की तरह हो सकती हैं।