इससे पहले राज्यसभा में विपक्षी दलों ने लोकसभा में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ इस साल अप्रैल जैसी स्थिति बनाने की मांग की थी। बता दें कि सीमा पर दोनों देशों के बीच तनाव इस समय चरम पर है। विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा कि सरकार को सीमा पर विवाद को समाप्त करते हुए अप्रैल जैसी स्थिति बनाने का प्रयास करना चाहिए।
संसद में किसानों के लिए विधेयक लाने पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद फारूक अब्दुल्ला ने कहा, 'यह किसानों के लिए समस्याजनक है। यदि हम वास्तव में किसानों को बचाना चाहते हैं तो इस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।'
सपा नेता और आजमगढ़ (यूपी) से लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने कहा, 'चीन के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी का स्पष्ट रुख है। भाजपा को उस गलती को नहीं दोहराना चाहिए जो कांग्रेस ने की थी।'
वर्तमान सदस्य बल्ली दुर्गा प्रसाद राव के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद लोकसभा की कार्यवाही अपराह्न चार बजे तक के लिए स्थगित हो गई है।
राज्यसभा के बाद अब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है।
राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह नौ बजे तक के लिए स्थगित हो गई है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एलएसी के हालातों को लेकर राज्यसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा कि सीमा विवाद अभी अनसुलझा है। चीन दोनों देशों के बीच हुए समझौतों की अनदेखी कर रहा है। वो एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) को नहीं मानता है। उसकी कथनी और करनी में फर्क है। हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। 15 जून को, कर्नल संतोष बाबू ने अपने 19 बहादुर सैनिकों के साथ भारत की प्रादेशिक अखंडता का बचाव करने के उद्देश्य से गलवां घाटी में सर्वोच्च बलिदान दिया। हमारे पीएम खुद सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए लद्दाख गए। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर पर चीन का अवैध कब्जा जारी है। इसके अलावा, 1963 के तथाकथित चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते के तहत, पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्र में पीओके से चीन तक अवैध रूप से 5,180 वर्ग किमी को सीज किया। चीन अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा के पूर्वी क्षेत्र में भारतीय क्षेत्र के लगभग 90,000 वर्ग किलोमीटर पर भी अपना दावा करता है। इन घटनाओं के दौरान हमारे सशस्त्र बलों के आचरण से पता चलता है कि उन्होंने उत्तेजक गतिविधियों के सामने 'सयंम' को बनाए रखा और भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए आवश्यक रूप से 'शौर्य' का भी प्रदर्शन किया। चीन द्वारा की गई कार्रवाई हमारे विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों की अवहेलना है। चीन द्वारा सैनिकों को इकट्ठा करना 1993 और 1996 में हुए समझौतों के खिलाफ है। वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान और कड़ाई से निरीक्षण करना सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता का आधार है। हमारे सशस्त्र बलों ने इसका स्पष्ट रूप से पालन किया है, वहीं चीनी पक्ष द्वारा ऐसा नहीं किया जा रहा है। चीन ने पिछले कई दशकों में सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी तैनाती क्षमताओं को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा निर्माण गतिविधियां की। हमारी सरकार ने भी सीमावर्ती अवसंरचना विकास के बजट को पिछले स्तरों से लगभग दोगुना कर दिया है। इस वर्ष की स्थिति सैनिकों के पैमाने और घर्षण बिंदुओं की संख्या के मामले में बहुत भिन्न है। हम वर्तमान स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं। ठीक इसी समय हम सभी तरह की स्थिति से निपटने के लिए भी तैयार हैं। वर्तमान स्थिति में, संवेदनशील परिचालन मुद्दे हैं जिनके बारे में मैं विस्तार से नहीं बता सकता। मुझे उम्मीद है कि सदन मामले की संवेदनशीलता को समझेगा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि पिछले कुछ महीने से राज्य और केंद्र सरकार कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरा देश मिलकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। सात जनवरी को डब्ल्यूएचओ से चीन में कोरोना का मामला मिला था। आठ जनवरी से हमने बैठकें शुरू कर दी थी। आठ महीने से प्रधानमंत्री कोरोना को लेकर हर कार्रवाई पर नजर रख रहे हैं। सबकी सलाह ले रहे हैं। भारत अन्य देशों की तरह ही प्रयास कर रहा है। पीएम के मार्गदर्शन में, एक विशेषज्ञ समूह इसे देख रहा है और हमारे पास उन्नत योजना है। हमें उम्मीद है कि अगले साल की शुरुआत तक भारत में वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी।
क्या संयुक्त राष्ट्र की स्थायी सीट हासिल करने के लिए भारत ने गंभीर प्रयास किए हैं, इसके लिखित जवाब में विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने कहा, 'सरकार ने सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता पाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है जो समकालीन वैश्विक वास्तविकताओं को दर्शाता है। अन्य सुधार वाले देशों के सहयोग से भारत यूएनएससी में स्थायी और गैर-स्थायी दोनों श्रेणियों में संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के बीच समर्थन बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।'
विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने पाकिस्तान को लेकर राज्यसभा में लिखित जवाब देते हुए कहा, 'भारत पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंधों की इच्छा रखता है। हमारी सुसंगत स्थिति यह है कि आतंक, शत्रुता और हिंसा से मुक्त शांतिपूर्ण वातावरण में भारत और पाक के बीच किसी भी द्विपक्षीय मुद्दे का हल किया जाना चाहिए। यह पाकिस्तान पर निर्भर करता है कि वो अनुकूल माहौल बनाए।'
राज्यसभा में कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'कोविड-19 को रोकने के लिए सरकार ने स्वर्णिम महीने बर्बाद कर दिए। डब्ल्यूएचओ ने दिसंबर 2019 में एक चेतावनी दी थी। चीन हमारा पड़ोसी देश है, ऐसे में हमें पहले ही सतर्क हो जाना चाहिए था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी चेतावनी दी थी कि एक महामारी हमारे ऊपर मंडरा रही है।'
विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा, '14,12,835 भारतीय नागरिकों को वंदे भारत मिशन के माध्यम से स्वदेश लाया गया है। यह प्रक्रिया अब भी जारी है।'
विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा, 'चार अगस्त को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने एक तथाकथित 'राजनीतिक मानचित्र' का अनावरण किया जिसमें उन्होंने गुजरात, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे क्षेत्रों को लेकर अस्थिर दावे किए। हमारी सरकार ने पाक के इन दावों को खारिज कर दिया। भारत ने इस बात पर जोर दिया है कि पाक को भारतीय क्षेत्रों को लेकर ऐसे अस्थिर दावे करने से बचना चाहिए जिनकी कोई कानूनी या अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता नहीं है।
विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा, 'भारत ने सभी हितधारकों से निकटता से परामर्श किया और एच1बी वीजा कार्यक्रम से संबंधित भारतीय पेशेवरों की परेशानियों से जुड़े मुद्दों पर अमेरिकी प्रशासन और कांग्रेस के साथ मिलकर काम किया।'
शिवसेना के तंज पर भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'कोरोना अब तक की सबसे बड़ी आपदा है। जैसे गांधी जी ने अंग्रेजों को भगाने के लिए चरखे को एक प्रतीक बनाया था। वैसे ही प्रधानमंत्री मोदी ने दीये को सामाजिक चेतना का प्रतीक बनाया है। कुछ लोग पूछ रहे हैं कि क्या ताली-थाली बजाने से कोरोना खत्म होगा तो मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या लोग इतिहास भूल गए? क्या चरखा चलाने से अंग्रेज चले गए थे? चरखा एक प्रतीक था जिसे गांधी जी ने चुना था। ठीक इसी तरह ताली-थाली बजाना एक प्रतीक था जिसके जरिए कोरोना योद्धाओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की गई।' भाजपा सांसद ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान दिल्ली सरकार ने दावा किया था कि दिल्ली में 70 लाख लोगों के लिए खाना बन रहा है। आखिर वो खाना कहां बनता था जो हम लोगों को दिखाई नहीं दे रहा था।
शिवसेना सांसद संजय राउत ने राज्यसभा में कहा, 'मेरी मां और मेरा भाई कोविड-19 से संक्रमित हैं। महाराष्ट्र में भी कई लोग ठीक हो रहे हैं। आज धारावी में स्थिति नियंत्रण में है। डब्ल्यूएचओ ने बीएमसी के प्रयासों की सराहना की है। मैं इन तथ्यों को बताना चाहता हूं क्योंकि यहां कुछ सदस्य महाराष्ट्र सरकार की आलोचना कर रहे थे।'
स्वास्थ्य मंत्री द्वारा कोविड-19 को लेकर दिए बयान पर चर्चा के दौरान राउत ने कहा, 'मैं सदस्यों से पूछना चाहता हूं कि इतने लोग कैसे ठीक हुए? क्या लोग भाभी जी के पापड़ खा करके ठीक हो गए? यह राजनीतिक लड़ाई नहीं है बल्कि लोगों की जान बचाने की लड़ाई है।'
उन्होंने कहा, 'देश की आर्थिक हालत बहुत गंभीर है, अब स्थिति ऐसी है कि हमारी जीडीपी और हमारा आरबीआई भी कंगाल हो चुका है, ऐसे में सरकार एयर इंडिया, रेलवे, एलआईसी और काफी कुछ बाजार में बेचने के लिए लाई है बहुत बड़ी सेल लगी है अब इस सेल में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट को भी खड़ा कर दिया गया है।'
राज्यसभा में वाईएसआरसीपी के सांसद वीवी रेड्डी ने कहा, 'मैं आंध्र प्रदेश में विशेष ट्रेनों की शुरुआत के लिए अनुरोध करता हूं। हाल ही में 80 ट्रेनों की शुरुआत की गई थी, लेकिन हैदराबाद-विशाखापत्तनम, हैदराबाद-तिरुपति के बीच एक भी ट्रेन नहीं चली। मैं रेल मंत्री से इन गंतव्यों के बीच विशेष ट्रेनें चलाने का अनुरोध करता हूं।'
राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। ऊपरी सदन में आज राजनाथ चीन के साथ जारी सीमा विवाद पर दोपहर 12 बजे बयान देंगे।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद महेश पोद्दार ने राज्यसभा में 'विशेष रूप से पूर्वी राज्यों में गाय की तस्करी' को लेकर शून्यकाल में नोटिस दिया है।
डीएमके सांसद टी शिवा ने राज्यसभा में पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) अधिसूचना 2020 विधेयक पर रोक लगाने के लिए छोटी अवधि की चर्चा का नोटिस दिया।
शिरोमणि अकाली दल के सांसद सुखदेव सिंह ढींडसा ने राज्यसभा में शून्यकाल में नोटिस दिया है जिसमें पंजाबी भाषा को जम्मू और कश्मीर की छठवीं आधिकारिक भाषा घोषित करने की मांग की गई है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लोकसभा के बाद आज राज्यसभा में पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ जारी सीमा विवाद पर बयान देंगे। विपक्ष द्वारा इसपर हंगामा करने के आसार हैं।